मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का बहुप्रतीक्षित लोकार्पण किया। डाइनामाइट न्यूज़ पर पढ़ें पूरी खबर

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का बहुप्रतीक्षित लोकार्पण किया। यह 91.35 किलोमीटर लंबा फोर-लेन एक्सप्रेसवे पूर्वांचल क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर को आजमगढ़ के सलारपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा, जिससे गोरखपुर, संतकबीरनगर, अम्बेडकरनगर और आजमगढ़ जिलों के बीच कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। इस परियोजना से क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
लोकार्पण समारोह में स्थानीय विधायक प्रदीप शुक्ला, सांसद रवि किशन, उनवल नगर पंचायत अध्यक्ष और सैकड़ों स्थानीय लोग गाजे-बाजे के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत करने पहुंचे। तपती धूप के बावजूद जनता का उत्साह देखते बनता था। यात्री सुरक्षा के लिए एक्सप्रेसवे पर पांच इनोवा, पांच कैम्पर, चार एम्बुलेंस, दो क्रेन और एक हाइड्रा वाहन की फ्लीट तैनात की गई है। प्रत्येक 45 किलोमीटर पर एम्बुलेंस और क्रेन की सुविधा उपलब्ध है। भविष्य में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) भी लागू होगा, जो यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को और बढ़ाएगा।
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का बहुप्रतीक्षित लोकार्पण किया। यह 91.35 किलोमीटर लंबा फोर-लेन एक्सप्रेसवे पूर्वांचल क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर को आजमगढ़ के सलारपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा, जिससे गोरखपुर, संतकबीरनगर, अम्बेडकरनगर और आजमगढ़ जिलों के बीच कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। इस परियोजना से क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
लोकार्पण समारोह में स्थानीय विधायक प्रदीप शुक्ला, सांसद रवि किशन, उनवल नगर पंचायत अध्यक्ष और सैकड़ों स्थानीय लोग गाजे-बाजे के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत करने पहुंचे। तपती धूप के बावजूद जनता का उत्साह देखते बनता था। यात्री सुरक्षा के लिए एक्सप्रेसवे पर पांच इनोवा, पांच कैम्पर, चार एम्बुलेंस, दो क्रेन और एक हाइड्रा वाहन की फ्लीट तैनात की गई है। प्रत्येक 45 किलोमीटर पर एम्बुलेंस और क्रेन की सुविधा उपलब्ध है। भविष्य में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) भी लागू होगा, जो यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को और बढ़ाएगा।