
New Delhi: भाजपा (BJP) छोड़ने के पांच महीने बाद पूर्व नौकरशाह से नेता बने आर.के. सिंह (RK Singh) अब अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने की योजना बना रहे हैं, जिसका फोकस “राष्ट्र हित” और “लोकहित” पर होगा।
आर.के. सिंह पहले एक आईएएस अधिकारी (IAS Officer) रहे हैं और इसके बाद भारत के गृह सचिव के पद तक पहुंचे, उसके बाद राजनीति में आए और मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री बने, वे अपनी पार्टी में ईमानदार, पढ़े-लिखे और जात-पात से मुक्त लोगों को शामिल करना चाहते हैं।
73 वर्षीय आर.के. सिंह ने वरिष्ठ पत्रकार Manoj Tibrewal Aakash के लोकप्रिय इंटरव्यू सीरीज़ ‘द कैंडिड टॉक’ में कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य फोकस बिहार की राजनीति पर रहेगा। आर.के. सिंह ने 2014 में सेवा से रिटायरमेंट के बाद भाजपा ज्वाइन की थी, पिछले साल नवंबर में निलंबित किए जाने के बाद पार्टी छोड़ दी थी।
डाइनामाइट न्यूज़ को दिये एक इंटरव्यू में बिहार के आरा से पूर्व लोकसभा सांसद आर.के. सिंह का कहना है कि कुछ मुद्दों पर खुलकर बोलने की वजह से उन्हें निलंबित किया गया, जिसके बाद उन्होंने भाजपा (BJP) छोड़ना उचित समझा। उन्होंने कहा, “भाजपा ने मुझे इसलिए निलंबित किया क्योंकि मैं खुलकर बोलता था… लेकिन यह पहली बार नहीं था जब मैंने खुलकर बोला। जब मैं सांसद था, तब भी मैं बोलता था।”
उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मेरे बोलने के बावजूद मुझे सात साल तक ऊर्जा मंत्री (Power Minister) बनाए रखा, यह एक बड़ी बात थी।”
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “मेरे मंत्रालय में पीएमओ (PMO) की कभी कोई दखलअंदाजी नहीं रही और मुझे पूरी स्वतंत्रता दी गई। तभी मैं कुछ सकारात्मक काम कर पाया।” हालांकि, उन्होंने भाजपा की इस कार्रवाई को ज्यादा महत्व देने से इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया, “मैं भाजपा से अपने निलंबन को सजा नहीं मानता।”
इस बेबाक इंटरव्यू में आर.के. सिंह ने जेडीयू (JDU) नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Former CM Nitish Kumar) के साथ अपने संबंधों और उनकी सरकार पर भी खुलकर बात की।
उन्होंने कहा, “उनका (नीतीश कुमार का) पहला कार्यकाल ठीक था। लेकिन दूसरे कार्यकाल में 99 प्रतिशत मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त थे… हो सकता है कि आप खुद भ्रष्टाचार में शामिल न हों, लेकिन अगर आपके आसपास के लोग भ्रष्टाचार में शामिल हैं… तो यह शर्म की बात है।”
उन्होंने बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (New Chief Minister Samrat Chaudhary) पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सम्राट चौधरी की पहले से अच्छी छवि नहीं है। जो व्यक्ति ईमानदार नहीं है, जिसका चरित्र अच्छा नहीं है, जो कम पढ़ा-लिखा है, वह क्या सोच रखेगा और क्या कर पाएगा?”
New Delhi: भाजपा (BJP) छोड़ने के पांच महीने बाद पूर्व नौकरशाह से नेता बने आर.के. सिंह (RK Singh) अब अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने की योजना बना रहे हैं, जिसका फोकस “राष्ट्र हित” और “लोकहित” पर होगा।
आर.के. सिंह पहले एक आईएएस अधिकारी (IAS Officer) रहे हैं और इसके बाद भारत के गृह सचिव के पद तक पहुंचे, उसके बाद राजनीति में आए और मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री बने, वे अपनी पार्टी में ईमानदार, पढ़े-लिखे और जात-पात से मुक्त लोगों को शामिल करना चाहते हैं।
73 वर्षीय आर.के. सिंह ने वरिष्ठ पत्रकार Manoj Tibrewal Aakash के लोकप्रिय इंटरव्यू सीरीज़ ‘द कैंडिड टॉक’ में कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य फोकस बिहार की राजनीति पर रहेगा। आर.के. सिंह ने 2014 में सेवा से रिटायरमेंट के बाद भाजपा ज्वाइन की थी, पिछले साल नवंबर में निलंबित किए जाने के बाद पार्टी छोड़ दी थी।
डाइनामाइट न्यूज़ को दिये एक इंटरव्यू में बिहार के आरा से पूर्व लोकसभा सांसद आर.के. सिंह का कहना है कि कुछ मुद्दों पर खुलकर बोलने की वजह से उन्हें निलंबित किया गया, जिसके बाद उन्होंने भाजपा (BJP) छोड़ना उचित समझा। उन्होंने कहा, “भाजपा ने मुझे इसलिए निलंबित किया क्योंकि मैं खुलकर बोलता था… लेकिन यह पहली बार नहीं था जब मैंने खुलकर बोला। जब मैं सांसद था, तब भी मैं बोलता था।”
उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मेरे बोलने के बावजूद मुझे सात साल तक ऊर्जा मंत्री (Power Minister) बनाए रखा, यह एक बड़ी बात थी।”
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “मेरे मंत्रालय में पीएमओ (PMO) की कभी कोई दखलअंदाजी नहीं रही और मुझे पूरी स्वतंत्रता दी गई। तभी मैं कुछ सकारात्मक काम कर पाया।” हालांकि, उन्होंने भाजपा की इस कार्रवाई को ज्यादा महत्व देने से इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया, “मैं भाजपा से अपने निलंबन को सजा नहीं मानता।”
इस बेबाक इंटरव्यू में आर.के. सिंह ने जेडीयू (JDU) नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Former CM Nitish Kumar) के साथ अपने संबंधों और उनकी सरकार पर भी खुलकर बात की।
उन्होंने कहा, “उनका (नीतीश कुमार का) पहला कार्यकाल ठीक था। लेकिन दूसरे कार्यकाल में 99 प्रतिशत मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त थे… हो सकता है कि आप खुद भ्रष्टाचार में शामिल न हों, लेकिन अगर आपके आसपास के लोग भ्रष्टाचार में शामिल हैं… तो यह शर्म की बात है।”
उन्होंने बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (New Chief Minister Samrat Chaudhary) पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सम्राट चौधरी की पहले से अच्छी छवि नहीं है। जो व्यक्ति ईमानदार नहीं है, जिसका चरित्र अच्छा नहीं है, जो कम पढ़ा-लिखा है, वह क्या सोच रखेगा और क्या कर पाएगा?”
Location : New Delhi
Published : 18 April 2026, 9:07 PM IST