Video Story: रिश्तों के बाजार में मंडरा रहा है बड़ा खतरा, डिजिटल हमसफर ढूंढने से पहले जान लें ये कड़वी सच्चाई!

भारतीय शादियाँ अब सिर्फ रिचुअल्स नहीं, 6 लाख करोड़ का मेगा बिजनेस हैं! सर्दियों का सीजन जहाँ अर्थव्यवस्था को रफ्तार दे रहा है, वहीं डिजिटल यूथ 'अरेंज मैरिज' से आगे बढ़कर खुद अपना हमसफर चुन रहा है। बदलाव की यह कहानी दिलचस्प है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 5 November 2026, 2:43 PM IST

New Delhi: भारत में शादी का भव्य सीजन शुरू होते ही अर्थव्यवस्था में 4 से 7 लाख करोड़ रुपये का बंपर कारोबार दौड़ने लगा है। नवंबर और दिसंबर के इन दो महीनों में ही देश में लाखों शादियां होना आम बात है, जिससे कैटरिंग, डेकोरेशन और कपड़ा कारोबारियों की चांदी हो जाती है।

लेकिन इस चमक-धमक के पीछे एक बहुत बड़ा सामाजिक बदलाव छिपा है। अब रिश्ते तय करने के लिए अखबारों के विज्ञापनों या रिश्तेदारों की सिफारिशों का दौर पुराना हो चुका है। आज का आधुनिक यूथ 'अरेंज मैरिज' की लकीर पीटने के बजाय डेटिंग ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपना हमसफर खुद चुन रहा है।

आंकड़े बताते हैं कि शहरी इलाकों में 30% से 40% शादियां अब पर्सनल चॉइस यानी लव मैरिज के रूप में हो रही हैं। करियर को प्राथमिकता मिलने के चलते शादी की औसत उम्र बढ़कर 22.7 साल हो चुकी है। यानी शादी अब सिर्फ दो परिवारों का मेल नहीं, बल्कि खुद की पसंद और मजबूत आत्मनिर्भर करियर का आधुनिक मंच बन चुकी है। इस विषय को विस्तार से जानने के लिये देखिये पूरी वीडियो...

Location :  New Delhi

Published :  5 November 2026, 2:43 PM IST