Dehradun: हर्बर्टपुर में तिब्बती समाज के लोगों ने मंगलवार को चीन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और रैली निकालकर चीन की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रदर्शनकारियों ने चीन के खिलाफ नारे लगाए और तिब्बत की आज़ादी की मांग को बुलंद किया। रैली के दौरान युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
मुख्य मार्गों से निकाली गई रैली
तिब्बती समाज की यह रैली हर्बर्टपुर के मुख्य मार्गों से होकर निकाली गई। रैली में शामिल लोग हाथों में पोस्टर और बैनर लिए हुए थे। जिन पर तिब्बत की आज़ादी और मानवाधिकारों से जुड़े संदेश लिखे हुए थे। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई और चीन की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। पूरे रास्ते तिब्बती समुदाय के लोग एकजुट होकर तिब्बत के समर्थन में नारे लगाते दिखाई दिए।
मानवाधिकार उल्लंघन का उठाया मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान तिब्बती समाज के लोगों ने कहा कि चीन द्वारा तिब्बत में लंबे समय से दमन किया जा रहा है। उनका आरोप है कि वहां तिब्बती लोगों के मानवाधिकारों का लगातार उल्लंघन हो रहा है और उनकी संस्कृति और पहचान को भी दबाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर दुनिया के देशों को अब गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है।
लंबे समय से जारी है शांतिपूर्ण संघर्ष
रैली के दौरान तिब्बती समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है। वे वर्षों से अहिंसक तरीके से तिब्बत की स्वतंत्रता और अपने अधिकारों की मांग करते आ रहे हैं। उनका कहना था कि तिब्बती समाज हमेशा शांति और संवाद के रास्ते पर विश्वास करता है और इसी रास्ते से अपनी बात दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की अपील
प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा कि तिब्बत के मुद्दे पर चीन पर दबाव बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि अगर वैश्विक स्तर पर इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाए तो तिब्बत के लोगों को न्याय मिल सकता है। उन्होंने कहा कि तिब्बती समाज का संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक तिब्बत के लोगों को उनके अधिकार और न्याय नहीं मिल जाता।
