भीमताल में दुष्कर्म के एक केस में बड़ा फैसला सामने आया है। हल्द्वानी पॉक्सो कोर्ट ने DNA रिपोर्ट में आरोप साबित न होने पर आरोपी युवक को दोषमुक्त कर दिया। यह मामला 2023 से चल रहा था, जिसमें कोर्ट ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निर्णय सुनाया।

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Nainital: हल्द्वानी पॉक्सो कोर्ट ने नैनीताल जिले के भीमताल थाने में दर्ज एक गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। जिसमें आरोपी युवक को दोषमुक्त कर दिया गया। यह मामला साल 2023 में दर्ज किया गया था और आरोपी तब से जेल में था। कोर्ट ने मामले की जांच के दौरान पीड़िता, नवजात शिशु और आरोपी की डीएनए रिपोर्ट का परीक्षण कराया। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि नवजात शिशु की जैविक माता पीड़िता हैं, लेकिन आरोपी उसका जैविक पिता नहीं है। इस आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दुष्कर्म के आरोपों से मुक्त कर दिया।
मामला भीमताल थाना क्षेत्र की 15 वर्षीय लड़की से जुड़ा था, जो गर्भवती हो गई थी और बाद में उसने एक नवजात शिशु को जन्म दिया। पीड़िता के भाई ने 19 मई 2023 को आरोपी युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इस दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल आठ गवाह पेश किए। पीड़िता ने आरोपी द्वारा बलात्कार किए जाने की पुष्टि की, जबकि परिवार के अन्य सदस्य इस कथानक का समर्थन नहीं कर पाए। आरोपी की ओर से अधिवक्ता लोकेश राज चौधरी ने कोर्ट में मजबूत पैरवी की। न्यायालय ने मामले में सभी पक्षों की डीएनए जांच कराने के निर्देश दिए।
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि नवजात शिशु की जैविक माता पीड़िता हैं, लेकिन आरोपी युवक उसका जैविक पिता नहीं है। इसके आधार पर विशेष न्यायाधीश मनमोहन सिंह की अदालत ने आरोपी को धारा 376(3) भारतीय दंड संहिता और धारा 5(j)(ii)/6 पॉक्सो अधिनियम के तहत लगाए गए सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।