अमेरिका- इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का असर उत्तराखंड में भी देखने को मिल रहा है। राज्य में फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी गई है। हालांकि जरूरी सेवाओं के लिए सप्लाई जारी रहेगी।

उत्तराखंड में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई बंद (Image Source: google)
Dehradun: अमेरिका- इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के चलते उत्तराखंड में फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी गई है। हालांकि जरूरी सेवाओं के लिए सप्लाई जारी रहेगी। पूर्ति विभाग के एडिशनल कमिश्नर पीएस पांगती के मुताबिक पर्याप्त सप्लाई नहीं होने के कारण फिलहाल कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति बंद करनी पड़ी है।
उन्होंने बताया कि युद्ध की स्थिति के कारण मुख्य स्रोत से ही कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। स्टॉक की कमी को देखते हुए फिलहाल इसकी सप्लाई रोक दी गई है। उपलब्ध स्टॉक से केवल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को ही कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कमर्शियल गैस सप्लाई बंद होने से होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट कारोबारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। रेस्टोरेंट एसोसिएशन देहरादून के सदस्य रमन चड्ढा के मुताबिक अगर सरकार की ओर से गैस मिलनी पूरी तरह बंद हो गई, तो होटल और रेस्टोरेंट बंद करना मजबूरी हो जाएगी। फिलहाल इंडक्शन और अन्य विकल्पों से काम चलाया जा रहा है।
उत्तराखंड विधानसभा में कांग्रेस का जबर्दस्त हंगामा, क्यों उठकर चली गईं स्पीकर ?
उत्तराखंड में अब पर्यटन और तीर्थाटन सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में यदि गैस की किल्लत लंबे समय तक बनी रही तो, प्रदेश के पर्यटन और होटल उद्योग को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है। ढाबों, रेस्टोरेंट और होटलों में खाना बनाना मुश्किल हो जाएगा, जिसका असर आम लोगों और पर्यटकों पर भी पड़ सकता है।
देहरादून में गैस आपूर्ति को लेकर जिला पूर्ति अधिकारी के के अग्रवाल के मुताबिक वर्तमान स्थिति को देखते हुए गैस वितरण में प्राथमिकताएं तय की गई हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहली प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना है। इसके बाद व्यावसायिक श्रेणी में अस्पताल, स्कूल और छात्रावास जैसे जरूरी संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उत्तराखंड विधानसभा में कांग्रेस का जबर्दस्त हंगामा, क्यों उठकर चली गईं स्पीकर ?
गैस की कमी के चलते कालाबाजारी की आशंका हो सकती है। जिला पूर्ति अधिकारी के के अग्रवाल के मुताबिक इस आशंका को ध्यान में रखते हुए पर विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। यदि कहीं भी गैस सिलेंडरों की जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर की बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतराल तय किया गया है, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस उपलब्ध हो सके। जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि गैस आपूर्ति की स्थिति की केंद्र सरकार स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है और उम्मीद है कि जल्द ही व्यावसायिक क्षेत्र में भी गैस की सप्लाई सामान्य हो जाएगी।