यमुनोत्री धाम में अब गैर हिंदुओं की नहीं होगी एंट्री, क्या स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले की वजह से लिया ये फैसला?

बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के अलावा बीकेटीसी (बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) के अधीन आने वाले 45 से अधिक मंदिरों में भी गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा। इसके लिए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 30 January 2026, 2:59 AM IST

Uttarakhand: गंगोत्री धाम के बाद अब यमुनोत्री धाम में भी गैर सनातनियों के प्रवेश को वर्जित करने का निर्णय लिया गया है। यमुनोत्री मंदिर समिति ने बताया कि यह नियम आगामी अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान लागू होगा।

संतों के साथ दुर्व्यवहार की निंदा

यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य संतों के साथ जो दुर्व्यवहार हुआ, उससे सनातन धर्म की धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि यह सनातन धर्म के खिलाफ एक साजिश है और इसके खिलाफ प्रहार किया जाएगा।

चारधाम यात्रा में नियम लागू

पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि यमुनोत्री धाम में गैर सनातनियों का प्रवेश वर्जित रहेगा। इस बार चारधाम यात्रा के दौरान धाम में यह नियम पूरी तरह लागू किया जाएगा और किसी भी गैर सनातनी को धाम के आसपास प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस मौके पर बड़कोट व्यापार मंडल के महामंत्री सोहन गैरोला भी उपस्थित थे।

बीकेटीसी के मंदिरों में भी रोक

बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के अलावा बीकेटीसी (बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) के अधीन आने वाले 45 से अधिक मंदिरों में भी गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा। इसके लिए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

हरकी पैड़ी और घाटों पर बैनर

तीर्थ की मर्यादा बनाए रखने के लिए श्रीगंगा सभा ने हरकी पैड़ी, मालवीय द्वीप और अन्य घाटों पर स्पष्ट चेतावनी वाले बैनर और बोर्ड लगाकर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है। बोर्ड में यह भी स्पष्ट किया गया है कि घाटों पर फिल्मी गीत पर वीडियो या रील्स बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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  • Uttarakhand

Published : 
  • 30 January 2026, 2:59 AM IST