Prateek Yadav Death Reason: क्या होता है Cardiorespiratory Collapse? जिससे हुई प्रतीक यादव की मौत

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुत्र और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की मौत की वजह सामने आई है। इस रिपोर्ट में जानिये क्या होता है Cardiorespiratory Collapse जिससे हुई प्रतीक यादव की मौत

Post Published By: Subhash Raturi
Updated : 13 May 2026, 4:36 PM IST

New Delhi : समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुत्र और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की मौत से सियासी गलियारों में शोक की लहर है। प्रतीक यादव की अचानक मौत ने सभी को सकते में डाल दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक कार्डियोरेस्पेरिटरी कोलेप्स (Cardiorespiratory Collapse) के कारण प्रतीक यादव की मौत हुई।

डाइनामाइट न्यूज़ की इस रिपोर्ट में जानिये आखिर क्या होता है कार्डियोरेस्पेरिटरी कोलेप्स (Cardiorespiratory Collapse), जिसके कारण प्रतीक यादव की असमय मौत हुई।

प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टरों का कहना है कि फेफड़ों तक खून और ऑक्सीजन का प्रवाद थम जाने का कारण प्रतीक यादव की मौत हुई।

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डॉक्टरों का कहना है कि प्रतीक यादव के फेफड़ों में खून जम गया था, इससे थक्का (क्लॉट) बना। बड़ा क्लॉट होने के कारण फेफड़ों में खून का प्रवाह पूरी तरह ठप्प हो गया। ऑक्सीजन का प्रवाह भी रुक गया और सांसें थम गई।

गंभीर बीमारी और मेडिकल इमरजेंसी

जानकारी के मुताबिक कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलेप्स (Cardiorespiratory Collapse) हृदय से जुड़ी एक अत्यंत गंभीर बीमारी और मेडिकल इमरजेंसी है। इससे हृदय के धड़कने बंद हो जाती है और सांस लेना अचानक बंद हो जाता है। यह स्थिति मस्तिष्क और अन्य अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाना बंद कर देती है। इस स्थिति में तुरंत इलाज की जरूरत होती है और चिकित्सा न मिलने पर इंसान की मृत्यु हो जाती है। यह एक तरह का कार्डिक अरेस्ट ही होता है लेकिन अन्य मामलों की अपेक्षा ज्यादा गंभीर होता है।

पल्मोनरी एम्बोलिज्म

प्रतीक यादव की मौत के मामले में कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलेप्स के साथ ही जांच में पल्मोनरी एम्बोलिज्म (PE) का मामला भी सामने आया है। पल्मोनरी एम्बोलिज्म की स्थिति में फेफड़ों की धमनी में रक्त का थक्का (Blood Clot) फंस जाता है। यह एक अत्यंत एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है। इसमें खून नसों (DVT) से टूटकर फेफड़ों तक पहुंचता है और फेफड़ा काम करना बंद कर देता है। तुरंत इलाज न मिलने पर मरीज की मौत हो जाती है। प्रतीक यादव के साथ भी ऐसा ही हुआ और उनकी मौत हो गई।

Location :  New Delhi

Published :  13 May 2026, 4:15 PM IST