देवरिया तहसील में भ्रष्टाचार के आरोपों पर बवाल, अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन

देवरिया तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने राजस्व अभिलेखों में सुधार, लंबित पत्रावलियों के निस्तारण और खतौनियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 19 September 2026, 1:57 PM IST

Deoria News: तहसील परिसर में शुक्रवार को उस वक्त माहौल गरमा गया, जब कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर अधिवक्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। तहसील बार एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में वकील धरने पर बैठ गए और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। अधिवक्ताओं का आरोप है कि राजस्व मामलों के निस्तारण में देरी, अभिलेखों की त्रुटियों और लंबित फाइलों के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आम सभा की बैठक में जताई नाराजगी

तहसील बार एसोसिएशन की आम सभा की बैठक अध्यक्ष जुगुल किशोर तिवारी एडवोकेट की अध्यक्षता में हुई, जबकि संचालन मंत्री विजयसेन यादव एडवोकेट ने किया। बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसील स्तर पर कामकाज को लेकर अपनी समस्याएं रखीं और कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जाहिर की। अधिवक्ताओं का कहना है कि लंबे समय से कई राजस्व मामलों में कार्रवाई नहीं हो रही है, जिसके चलते काश्तकारों और आम लोगों को बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

राजस्व अभिलेख और खतौनी सुधार में देरी का आरोप

बार एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि राजस्व अभिलेखों और खतौनियों में गलतियों को सुधारने के लिए धारा 31/32 और 32/38 के तहत दिए गए प्रार्थना पत्रों पर समय से सुनवाई नहीं हो रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि कई मामलों में आदेश जारी होने के बाद भी खतौनियों में उसका अनुपालन नहीं किया जाता और फाइलें लंबे समय तक लंबित रहती हैं। इसके अलावा नए वादों को पोर्टल पर दर्ज करने में देरी और पत्रावलियों के लंबित रहने का भी आरोप लगाया गया।

खतौनी लॉक और फाइलों को लेकर उठे गंभीर सवाल

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई गांवों की खतौनियां लंबे समय तक लॉक दिखाई जाती हैं। उनका आरोप है कि इसके बाद काम कराने के लिए लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा नायब तहसीलदार न्यायालय और आरके कार्यालय में पत्रावलियों के गायब होने, आपत्ति प्रार्थना पत्र हटाने और प्रक्रिया में अनियमितता जैसे आरोप भी लगाए गए। हालांकि इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

समाधान दिवस में भी दर्ज कराया विरोध

अधिवक्ताओं ने समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों के सामने पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं और जल्द समाधान की मांग की। बार एसोसिएशन का कहना है कि पहले भी जिलाधिकारी और अन्य उच्च अधिकारियों को इन समस्याओं से अवगत कराया गया था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अध्यक्ष जुगुल किशोर तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा, जिसमें न्यायालय बहिष्कार जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं। बार एसोसिएशन ने अब जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजने के साथ ही मामले को शासन स्तर तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।

Location :  Deoria

Published :  19 September 2026, 1:57 PM IST