Badaun: यूजीसी विरोध में भाजपा बूथ अध्यक्षों के इस्तीफे, खून से लिखा पत्र

बदायूं के बिल्सी में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज सड़कों पर उतर आया। पैदल मार्च, नारेबाजी, भाजपा नेताओं के इस्तीफे और खून से लिखे पत्र ने आंदोलन को और तेज कर दिया है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 29 January 2026, 12:29 AM IST

Badaun: यूजीसी के नए नियमों को लेकर जिले में माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। बुधवार को बिल्सी कस्बे में सवर्ण समाज का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। गांधी पार्क से तहसील तक पैदल मार्च निकालते हुए प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और यूजीसी के फैसलों को समाज को बांटने की साजिश बताया। हाथों में तख्तियां लेकर उतरे लोगों ने “यूजीसी वापस लो” और “समाज को बांटने की साजिश नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए। माहौल पूरी तरह आंदोलनकारी नजर आया।

तहसील पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शनकारी जब तहसील परिसर पहुंचे तो वहां राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी प्रेमपाल सिंह को सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तहसील परिसर और आसपास पुलिस बल तैनात रहा। बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग इस प्रदर्शन में शामिल हुए और सरकार के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई।

भाजपा नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा नेता शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि यूजीसी के नए नियम समाज में भ्रम और विभाजन पैदा कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सवर्ण समाज इस व्यवस्था को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। यदि जल्द नियम वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। व्यापारी नेता डॉ. राजाबाबू वार्ष्णेय ने भी यूजीसी के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके जरिए छात्रों को आपस में बांटने की कोशिश की जा रही है, जो देश और समाज के हित में नहीं है।

संघर्ष जारी रखने का ऐलान

समाजसेवी दीपक चौहान और रजनीश शर्मा ने कहा कि यूजीसी के खिलाफ समाज पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो यह आंदोलन जिले से निकलकर प्रदेश स्तर तक जाएगा। उनका कहना था कि जब तक नए नियम वापस नहीं होंगे, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

भाजपा संगठन में भी दिखा विरोध

यूजीसी के नए नियमों का असर अब सियासत में भी साफ दिखने लगा है। उघैती मंडल में भाजपा के दो बूथ अध्यक्ष सुमित गुप्ता और केशव मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। दोनों नेताओं ने इस कानून को समाज के खिलाफ बताते हुए पार्टी नेतृत्व से पुनर्विचार की मांग की है। इस्तीफों के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

एक और बूथ अध्यक्ष का इस्तीफा

बिसौली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के बूथ अध्यक्ष सोमेश मिश्रा ने भी यूजीसी का विरोध करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने मंडल अध्यक्ष को सौंपे पत्र में यूजीसी को सवर्ण विरोधी और सामाजिक सिद्धांतों के खिलाफ बताया है।

खून से लिखा गया विरोध पत्र

ब्लॉक इस्लामनगर के गांव नूरपुर पिनौनी निवासी सौरभ दीक्षित और सुराही निवासी दीपक दीक्षित ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम खून से पत्र लिखकर यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग की। दोनों युवाओं ने बिल्सी के एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह कानून सवर्ण वर्ग के बच्चों का भविष्य चौपट कर देगा।

Location : 
  • Badaun

Published : 
  • 29 January 2026, 12:29 AM IST