देवरिया में यूजीसी के कथित काले कानून के विरोध में सवर्ण समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट के सामने गोरखपुर–देवरिया फोरलेन पर जाम लगाकर आवागमन बाधित किया गया। सुभाष चौक पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी हुई।

UGC Law के खिलाफ सवर्ण समाज का उग्र प्रदर्शन
Deoria: जनपद में बुधवार को यूजीसी के काले कानून के विरोध में सवर्ण समाज का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। जनपद मुख्यालय पर स्थित कलेक्ट्रेट के समीप गोरखपुर-देवरिया फोरलेन मुख्य मार्ग पर युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जाम लगा दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अचानक हुए इस जाम से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे युवाओं का कहना था कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यूजीसी का यह कानून सवर्ण समाज के हितों के खिलाफ है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार, सिविल लाइन स्थित सुभाष चौक पर सवर्ण समाज के प्रबुद्ध वर्ग और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के नीचे जमीन पर बैठकर प्रदर्शनकारियों ने हाथों में काली दफ्ती लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ ‘मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए गए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी का यह कानून शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक संतुलन को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
धरने में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक दिन की नहीं है। यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो सवर्ण समाज सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा, लेकिन सरकार की अनदेखी की स्थिति में उग्र रूप भी ले सकता है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा। एसडीएम और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे और प्रदर्शनकारियों की वजह से लगा हुआ जाम हटवाने के प्रयास में जुटे रहे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर शांतिपूर्ण ढंग से जाम हटाने की अपील की।
फिलहाल प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बात चीत जारी है, जबकि पूरे घटनाक्रम पर जिले की कानून व्यवस्था पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।