जिले में फिलहाल 102 सेवा की 17 एंबुलेंस और गर्भवतियों के लिए 108 सेवा की 14 एंबुलेंस ही उपलब्ध हैं। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की खास खबर

10 साल पुरानी एंबुलेंसें सेवा से बाहर, बेसमेंट में खड़ी
नोएडा: जनपद गौतमबुद्ध नगर में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। करीब 40 लाख की आबादी वाले जिले में मात्र 31 एंबुलेंस सेवा में हैं। जिससे गंभीर बीमारियों, सड़क हादसों या गर्भवती महिलाओं को आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह एक बड़ी नाइंसाफी है, खासकर तब जब समय पर इलाज ही जान बचाने का सबसे अहम जरिया हो। स्थिति को देखते हुए अप्रैल माह में सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और ऋतु माहेश्वरी की समीक्षा बैठक से पहले अधिकारियों ने शासन को 24 अतिरिक्त एंबुलेंस की मांग वाला पत्र भेजा।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग पुरानी 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर एंबुलेंस सेवाएं चला रहा है। जिले में फिलहाल 102 सेवा की 17 एंबुलेंस और गर्भवतियों के लिए 108 सेवा की 14 एंबुलेंस ही उपलब्ध हैं। इतने सीमित संसाधनों के बावजूद इन वाहनों को जेवर, नोएडा एयरपोर्ट, जिला अस्पताल, भंगेल सीएचसी और बिसरख सीएचसी समेत अन्य प्रमुख प्वाइंटों पर तैनात किया गया है।
मांग बढ़ी, संसाधन घटे
जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार नोएडा, दादरी और जेवर विधानसभा क्षेत्रों में 18.57 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं और 40 लाख से ज्यादा अपंजीकृत जनसंख्या स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर है। वहीं, 2024-25 के दौरान 2.5 लाख से ज्यादा मरीजों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। जिनमें कार्डियक अरेस्ट, एक्सीडेंट, सर्पदंश, कुत्ते के काटने, गर्भवती महिलाओं और अन्य आपात केस शामिल हैं।
24 नई एंबुलेंस की मांग, लेकिन जिम्मेदार खामोश
स्थिति को देखते हुए अप्रैल माह में सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और ऋतु माहेश्वरी की समीक्षा बैठक से पहले अधिकारियों ने शासन को 24 अतिरिक्त एंबुलेंस की मांग वाला पत्र भेजा। लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
10 साल पुरानी एंबुलेंसें सेवा से बाहर, बेसमेंट में खड़ी
जिले में 12 से ज्यादा एंबुलेंसें ऐसी हैं, जो 10 वर्षों की सेवा पूरी कर चुकी थीं और अब सेवा से बाहर कर दी गई हैं। इनकी जगह नई एंबुलेंस नहीं मंगाई गई, जिससे हालात और खराब हो गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इन जर्जर एंबुलेंस को जिला अस्पताल के बेसमेंट, भंगेल सीएचसी और कोल्ड स्टोरेज परिसर में डंप कर दिया गया है।