
यूपी के 7 कारोबारी घरानों का जलवा! (IMG: AI Generated)
Lucknow: उत्तर प्रदेश को आमतौर पर देश के बड़े औद्योगिक राज्यों में महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु या कर्नाटक के मुकाबले कम चर्चा मिलती है, लेकिन अब प्रदेश के कारोबारी घराने इस तस्वीर को बदलते नजर आ रहे हैं। बार्कलेज प्राइवेट क्लाइंट्स और हुरुन इंडिया की ताजा सूची में उत्तर प्रदेश से जुड़े सात बड़े पारिवारिक कारोबारी समूहों को जगह मिली है। इन सातों समूहों की कुल नेटवर्थ करीब 7.52 लाख करोड़ रुपये बताई गई है। खास बात यह है कि इन कंपनियों और कारोबारी परिवारों की मौजूदगी नोएडा और ग्रेटर नोएडा से लेकर कानपुर, गाजियाबाद, अमरोहा और प्रदेश के दूसरे औद्योगिक इलाकों तक फैली हुई है।
यूपी से जुड़े इन कारोबारी घरानों में सबसे ऊपर HCL Technologies का नाम है। शिव नाडर और रोशनी नाडर के नेतृत्व वाले इस कारोबारी समूह का मूल्यांकन करीब 2.91 लाख करोड़ रुपये बताया गया है। राष्ट्रीय स्तर की सूची में HCL आठवें स्थान पर है। कंपनी का मुख्यालय नोएडा में है और यह यूपी में आईटी सेक्टर की बढ़ती ताकत का बड़ा उदाहरण माना जाता है। HCL ने न सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया में टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
सूची में अगला बड़ा नाम डाबर इंडिया का है। मोहित बर्मन की अगुवाई वाले इस कारोबारी समूह का मूल्यांकन करीब 1.03 लाख करोड़ रुपये बताया गया है। डाबर की कॉरपोरेट मौजूदगी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और साहिबाबाद क्षेत्र में है। गाजियाबाद में कंपनी का कॉरपोरेट कार्यालय और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर भी मौजूद है। आयुर्वेद, हेल्थकेयर और एफएमसीजी सेक्टर में डाबर लंबे समय से बड़ा नाम रहा है। कंपनी की मौजूदगी भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी है।
श्याम एस. भरतिया की अगुवाई वाला जुबिलेंट भरतिया ग्रुप भी यूपी से जुड़े बड़े कारोबारी घरानों में शामिल है। समूह की नेटवर्थ करीब 82,700 करोड़ रुपये बताई गई है। इसका कॉरपोरेट कार्यालय नोएडा में है, जबकि जुबिलेंट फार्मोवा का पंजीकृत कार्यालय अमरोहा के गजरौला में है। जुबिलेंट भरतिया समूह का कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, कृषि उत्पाद और फूड सर्विस जैसे अलग-अलग सेक्टर में समूह की मौजूदगी है।
सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का जाना-पहचाना नाम JK Cement भी इस सूची में शामिल है। इसका मूल्यांकन करीब 74,400 करोड़ रुपये बताया गया है। कंपनी का कानपुर से पुराना कारोबारी जुड़ाव है। इसके प्रमुख संयंत्रों में अलीगढ़, हमीरपुर और प्रयागराज जैसे यूपी के शहर भी शामिल हैं।
इलेक्ट्रिकल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर की बड़ी कंपनी Havells India भी यूपी से जुड़े कारोबारी घरानों की सूची में है। अनिल राय गुप्ता के नेतृत्व वाले इस समूह का मूल्यांकन करीब 72,800 करोड़ रुपये बताया गया है। कंपनी का कार्यालय नोएडा में है।
सूची में अपेक्षाकृत नया लेकिन तेजी से बढ़ता नाम PG Electroplast का है। अनुराग गुप्ता के नेतृत्व वाले इस समूह की नेटवर्थ करीब 15,300 करोड़ रुपये बताई गई है। कंपनी की प्रमुख कारोबारी मौजूदगी ग्रेटर नोएडा में है। इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ते निवेश के बीच इस तरह की कंपनियां यूपी के नए औद्योगिक मॉडल को सामने ला रही हैं।
समीर गुप्ता की अगुवाई वाला Jackson Group भी सूची में जगह बनाने में कामयाब रहा है। समूह की हैसियत करीब 13,000 करोड़ रुपये बताई गई है। जैक्सन ग्रुप की प्रमुख कारोबारी मौजूदगी नोएडा और ग्रेटर नोएडा में है। पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कारोबार में समूह की पहचान है।
इन सातों कारोबारी समूहों की मौजूदगी पर नजर डालें तो एक बात साफ दिखाई देती है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा यूपी के बड़े कॉरपोरेट हब के तौर पर तेजी से उभर रहे हैं। आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अलग-अलग सेक्टर की कंपनियां यहां अपना कारोबार बढ़ा रही हैं। इसके अलावा कानपुर, गाजियाबाद, अमरोहा और अलीगढ़ जैसे शहर भी बड़े कारोबारी समूहों की गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।
हुरुन इंडिया के मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद के मुताबिक, देश में अब सिर्फ पारंपरिक कारोबारी शहरों से ही बड़े कारोबारी परिवार सामने नहीं आ रहे हैं, बल्कि नए शहरों में भी नए कारोबारी परिवार तेजी से उभर रहे हैं।
Location : Lucknow
Published : 14 August 2026, 1:37 PM IST