फतेहपुर में इलाज के लिए दर-दर भटकता रहा परिवार, अंत में मासूम माही की मौत, जिम्मेदार कौन?

फतेहपुर के असोथर क्षेत्र में 7 वर्षीय माही की बुखार से मौत ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाज के लिए कई अस्पतालों के चक्कर लगाने के बावजूद बच्ची को राहत नहीं मिली थी।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 1 October 2025, 8:53 PM IST

Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के असोथर थाना क्षेत्र के विधातीपुर गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां सात वर्षीय माही देवी की बुखार से मौत हो गई। माही, प्रमोद कुमार और आरती देवी की बेटी थी, जो बीते आठ दिनों से बुखार से पीड़ित थी। परिजन उसे इलाज के लिए लगातार एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाते रहे, लेकिन समय पर बेहतर इलाज न मिलने के कारण उसकी जान नहीं बच सकी।

कई दिनों तक परेशान रहा परिवार

बच्ची को पहले असोथर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बावजूद उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उसे फतेहपुर के जे.के. चिल्ड्रेन हॉस्पिटल ले गए। यहां तीन दिनों तक इलाज चला, लेकिन डॉक्टर माही को राहत नहीं दिला सके। हालत बिगड़ती देख परिजन उसे कानपुर के कनोड़िया स्पंदन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां भी बच्ची को तीन दिन तक भर्ती रखा गया, लेकिन स्थिति और गंभीर होती चली गई।

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अंत में मासूम ने छोड़ दी दुनिया

अंततः माही को कानपुर के मशहूर हैलेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची की मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। माता-पिता समेत पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में भी गमगीन माहौल व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को इसकी बड़ी वजह बताया है। उनका कहना है कि यदि गांव या आसपास के क्षेत्र में समय पर सही इलाज और जरूरी संसाधन उपलब्ध होते तो मासूम माही की जान बच सकती थी।

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लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठा

परिजनों ने भी लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हर अस्पताल में बस जांच और इंतजार की प्रक्रिया चलती रही, लेकिन कहीं भी समय पर सही इलाज नहीं मिल पाया। इलाज की उम्मीद में चार अस्पतालों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें निराशा हाथ लगी। इस घटना ने क्षेत्र में फैली मौसमी बीमारियों और स्वास्थ्य सेवाओं की हालत को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बारिश और गंदगी के कारण बुखार, डेंगू और मलेरिया जैसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और दवाओं की भारी कमी देखी जा रही है।

Location : 
  • Fatehpur

Published : 
  • 1 October 2025, 8:53 PM IST