शिक्षक MLC चुनाव: 16 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद, 27 अक्टूबर को आएगा नतीजा

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शुक्रवार को मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही 16 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 October 2026, 7:44 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शुक्रवार को मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही 16 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई। 17 जिलों में कुल 79.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अब प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हैं और समर्थकों की निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिक गई हैं। इसी दिन मतों की गिनती के बाद तय होगा कि शिक्षक मतदाताओं ने किस प्रत्याशी पर भरोसा जताया है और किसके सिर जीत का ताज सजेगा।

सुरक्षित रखने की व्यवस्था

शुक्रवार सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक निर्धारित समय में मतदान कराया गया। मतदान की अवधि समाप्त होने तक 79.01 प्रतिशत शिक्षक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान संपन्न होने के बाद मतपेटियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई। अब मतगणना के दिन ही चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

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इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के बीच मुकाबले पर खास नजर है। दोनों प्रत्याशियों के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गलियारों और शिक्षक संगठनों में चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, अंतिम नतीजा मतों की गिनती के बाद ही सामने आएगा।

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चुनाव मैदान में इन दोनों के अलावा अजय सिंह, डॉ. राकेश सिंह, राजीव यादव, सत्यपाल सिंह, डॉ. शरदेंदु कुमार त्रिपाठी, निरंकार राम त्रिपाठी, अजीत कुमार सिंह, देव भास्कर तिवारी, राजेश पांडेय, शिव श्याम यादव, दिनेश कुमार मिश्र, पंकज कुमार, राकेश कुमार तिवारी और राम प्रताप राम भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

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मतदान समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच जीत-हार को लेकर गुणा-गणित शुरू हो गया है। अलग-अलग जिलों में मतदान प्रतिशत और मतदाताओं की भागीदारी को लेकर आकलन किया जा रहा है। हर प्रत्याशी अपने पक्ष में परिणाम आने की उम्मीद लगाए बैठा है, लेकिन मतपेटियों में बंद मतों की गिनती ही वास्तविक जनादेश सामने लाएगी।

चुनाव राजनीतिक दलों के साथ शिक्षक संगठनों के लिए भी अहम

शिक्षक एमएलसी का यह चुनाव राजनीतिक दलों के साथ शिक्षक संगठनों के लिए भी अहम माना जा रहा है। प्रचार के दौरान प्रत्याशियों ने शिक्षकों से संपर्क कर समर्थन मांगा और अपनी प्राथमिकताएं सामने रखीं। अब 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर सबकी निगाहें रहेंगी। उसी दिन स्पष्ट होगा कि 17 जिलों के शिक्षक मतदाताओं ने किस प्रत्याशी को अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए सबसे अधिक समर्थन दिया है।

Location :  गोरखपुर

Published :  23 October 2026, 7:44 PM IST