
सुप्रीम कोर्ट
भोपाल: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बैढ़न शाखा में हुई डकैती के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, अंतरराज्यीय गिरोह ने बैंक को निशाना बनाने से पहले ऑनलाइन मैप्स और स्ट्रीट व्यू की मदद से रेकी की थी। 17 अप्रैल को हुई इस वारदात में बदमाश करीब 5 करोड़ रुपये की नकदी और गिरवी रखा सोना लूटकर फरार हो गए थे। जांच में गिरोह की कथित कार्यप्रणाली और उसके नेटवर्क को लेकर भी अहम जानकारियां सामने आई हैं।
पुलिस जांच के अनुसार, गिरोह के सरगना ने बैंक और उसके आसपास की स्थिति समझने के लिए ऑनलाइन मैप्स और स्ट्रीट व्यू का इस्तेमाल किया था। इनकी मदद से बैंक की लोकेशन और आसपास के क्षेत्र का जायजा लिया गया। पुलिस का मानना है कि वारदात के बाद भागने की योजना बनाने में भी डिजिटल मैप्स का इस्तेमाल किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने वारदात के लिए सीमावर्ती जिलों को प्राथमिकता दी, ताकि लूट के बाद दूसरे राज्यों में भागने की संभावना बनी रहे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह की शुरुआती योजना में मध्य प्रदेश का छतरपुर जिला भी शामिल था, लेकिन बाद में उसने सिंगरौली को निशाना बनाया।
पुलिस के अनुसार, 17 अप्रैल को हथियारों से लैस पांच बदमाश दिनदहाड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बैढ़न शाखा में घुसे थे। उन्होंने बैंक में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों को धमकाकर बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाश नकदी और गिरवी रखा सोना लेकर फरार हो गए।
बताया गया कि पूरी वारदात करीब 15 मिनट में अंजाम दी गई। लूटी गई संपत्ति की कुल कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये बताई गई है। इस घटना के बाद पुलिस ने गिरोह की पहचान, उसके सदस्यों और लूटे गए सोने की बरामदगी को लेकर जांच तेज की।
पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह लंबे समय से बैंक और ज्वैलरी कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहा था। शुरुआती आकलन के मुताबिक, गिरोह पिछले चार से पांच वर्षों में करीब 70 से 80 किलोग्राम सोना चुरा चुका हो सकता है।
हालांकि, इस अनुमान की पुष्टि जांच और संबंधित मामलों से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह की पिछली वारदातों का इस बैंक डकैती से क्या संबंध है और चोरी किए गए सोने को कहां बेचा गया।
जांच के मुताबिक, गिरोह के सदस्य अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते थे। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में तीन प्रमुख समूह शामिल थे।
पहला समूह संभावित ठिकानों की रेकी और वारदात की योजना तैयार करता था। दूसरा समूह हथियारों के साथ बैंक में घुसकर लूट को अंजाम देता था। तीसरा समूह लूटे गए सोने को ठिकाने लगाने और उसे बेचने का काम संभालता था।
पुलिस इस कथित नेटवर्क के सदस्यों, उनके आपसी संपर्कों और लूटे गए माल के लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में सामने आए तथ्यों से संकेत मिलता है कि गिरोह ने पारंपरिक रेकी के साथ डिजिटल माध्यमों का भी इस्तेमाल किया था। मामले में आगे की कार्रवाई और बरामदगी से गिरोह के पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
Location : Bhopal
Published : 16 October 2026, 9:30 AM IST
Topics : Bank of Maharashtra Robbery Bhopal NEWS Google Maps Robbery Google Street View Singrauli Bank Robbery