नवरात्रि जैसे आस्था के पर्व पर मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मंदिर में पूजा करने गई दलित किशोरी को कथित तौर पर दबंग ने जातिसूचक गालियां दी, पूजा से रोका और लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद गांव में तनाव है।

पीड़ित परिवार ने पुलिस से लगाई मदद की गुहार
Mainpuri: नवरात्रि के पावन मौके पर मैनपुरी जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने श्रद्धा, इंसानियत और सामाजिक बराबरी- तीनों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। किशनी थाना क्षेत्र के गांव शमशेरगंज में मंदिर में पूजा करने गई एक दलित किशोरी पर कथित तौर पर दबंग ने हमला कर दिया। आरोप है कि पहले उसे मंदिर में प्रवेश करने से रोका गया, फिर जातिसूचक गालियां दी गईं और विरोध करने पर लाठी-डंडों से पीटकर उसका सिर फाड़ दिया गया। घटना के बाद इलाके में गुस्सा और तनाव दोनों देखने को मिल रहे हैं।
मंदिर में पूजा करने पहुंची थी किशोरी, तभी शुरू हुआ विवाद
पीड़िता मीरा देवी पत्नी अशोक कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि नवरात्रि के पहले दिन सुबह करीब 10 बजे वह गांव के मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंची थी। आरोप है कि मंदिर पर पहले से मौजूद शिवम सैनी पुत्र विद्यासागर सैनी ने उसे रोक लिया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसे मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया और जातिसूचक अपशब्द कहे। माहौल उस वक्त और बिगड़ गया जब किशोरी ने कहा कि अगर मंदिर के अंदर पूजा नहीं करने देंगे तो वह बाहर ही पूजा कर लेगी।
बदायूं और बरेली में ईद पर दिखी एकता की मिसाल, शांतिपूर्ण माहौल में नमाज; लोगों ने गले मिलकर दी बधाई
विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला, बहन भी घायल
तहरीर के मुताबिक, किशोरी की यह बात सुनकर आरोपी भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए मंदिर परिसर में रखे लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस मारपीट में किशोरी के सिर में गंभीर चोट आई और वह खून से लथपथ हो गई। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंची उसकी बहन को भी आरोपी ने कथित तौर पर उठाकर पटक दिया, जिससे वह भी घायल हो गई। अचानक हुई इस हिंसा से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भी दहशत में आ गए।
गोरखपुर में मौसम बना दुश्मन, लहलहाती फसल पर मंडराया संकट, किसान बोले- बड़ी मुश्किल सामने!
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, गांव में बना तनाव
घटना के बाद परिजन घायल किशोरी को लेकर थाने पहुंचे। वहां से पुलिस ने उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा। पीड़िता का आरोप है कि दलित समाज से होने की वजह से उसे पूजा करने से रोका गया और उसके साथ बर्बरता की गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मेडिकल परीक्षण कराकर मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और ग्रामीण आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि क्या आज भी आस्था के रास्ते में जाति की दीवार खड़ी है?