
दान चोरी प्रकरण के बाद हुआ बड़ा फैसला (Img: Pinterest)
Ayodhya: राम मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्र और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की वीआईपी पास जारी करने वाली आईडी रद्द कर दी है। अब इनकी आईडी से किसी भी श्रद्धालु या कर्मचारी के लिए वीआईपी दर्शन पास जारी नहीं किए जा सकेंगे। यह निर्णय राम मंदिर दान चोरी प्रकरण के बाद प्रशासनिक बदलावों के बीच लिया गया है।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठे थे। इसी बीच ट्रस्ट की विशेष बैठक में पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे स्वीकार किए गए। इसके बाद वीआईपी पास जारी करने के अधिकार में भी बदलाव करते हुए तीनों अधिकारियों की आईडी निष्क्रिय (सस्पेंड) कर दी गई।
पहले चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव की आईडी से वीआईपी दर्शन पास जारी किए जाते थे। इन्हीं के माध्यम से मंदिर में कार्यरत करीब दो हजार कर्मचारियों और विशेष श्रेणी के श्रद्धालुओं के लिए भी पास बनाए जाते थे। नई व्यवस्था के तहत अब केवल ट्रस्ट के कार्यकारी महासचिव को ही वीआईपी पास जारी करने का अधिकार होगा।
ट्रस्ट और प्रशासन अब वीआईपी पास जारी करने की पूरी प्रक्रिया में बदलाव कर रहे हैं। भक्तों के लिए सुगम दर्शन और आरती पास जारी करने की नई प्रणाली लागू की जा रही है। इसके लिए पुलिस को भी नई व्यवस्था के अनुरूप पास जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
राम मंदिर में वीआईपी दर्शन पास को लेकर पहले भी कई तरह के आरोप और विवाद सामने आ चुके हैं। ऐसे में ट्रस्ट का यह फैसला पारदर्शिता बढ़ाने और पास जारी करने की प्रक्रिया को अधिक नियंत्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राम मंदिर दान चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट में लगातार प्रशासनिक बदलाव हो रहे हैं। अब यह देखना अहम होगा कि नई पास व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है और इससे दर्शन व्यवस्था में कितना सुधार आता है।
Location : Ayodhya
Published : 10 July 2026, 11:33 AM IST
Topics : Ayodhya Ram Janmabhoomi Trust Ram Mandir