500 से ज्यादा हथियार, सैकड़ों समर्थक और राजा भैया का वो बयान, जिसने खींचा ध्यान

प्रतापगढ़ में राजा भैया ने दशहरे पर बेंती कोठी में 500 से ज्यादा देशी-विदेशी हथियारों का शस्त्र पूजन किया। इस दौरान उनके जुड़वां बेटे और सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे। पूजा के बाद राजा भैया ने धर्म, राष्ट्र और भारतीय परंपराओं को लेकर क्या कहा? जानिए पूरी खबर।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 20 October 2026, 7:30 PM IST
google-preferred

प्रतापगढ़ :  कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने मंगलवार को दशहरा पर्व पर एक बार फिर हथियारों का जखीरा दिखाया। उन्होंने अपने पैतृक आवास बेंती कोठी पर मंगलवार दोपहर 1 बजे शस्त्र पूजन किया। इस दौरान राजा भैया धोती-कुर्ता और केसरिया साफा पहने 500 से ज्यादा देशी-विदेशी हथियारों की पूजा करते दिखे।

पूजा में उनके जुड़वां बेटे शिवराज और बृजराज सिंह भी शामिल हुए। इनके अलावा सभी ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि समेत सैकड़ों समर्थक भी अपने लाइसेंसी हथियारों के साथ शामिल हुए। सभी शस्त्रों के साथ लाइसेंस और नाम की पर्ची भी रखी गई थी। इसका वीडियो भी सामने आया है।

2 घंटे चली पूजा

बेंती कोठी में दोपहर करीब 1 बजे से शुरू हुआ कार्यक्रम 3 बजे तक चला। आचार्य अतुलजी महाराज ने 2 घंटे तक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा कराई। इसके बाद आरती और प्रसाद वितरण हुआ।

राजा भैया ने कहा

इस मौके पर राजा भैया ने कहा, "विजयदशमी के दिन शस्त्र पूजन अनादि काल से होता आया है। यहां मौजूद सभी लोग हमारा परिवार हैं। हम सभी धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए संकल्पित हैं। यह नहीं सोचना चाहिए कि इतने ही हथियार हैं। हाथी के दांत दिखाने के अलग होते हैं, खाने वाले अलग होते हैं।"

प्रतापगढ़ में 3 बच्चों के सामने मां का शव फंदे से लटका मिला, कंचन गौतम की मौत बनी पहेली

उन्होंने कहा कि हमारे परिवार की यह पुरानी परंपरा है। आज जरूरत इस बात की है कि हर व्यक्ति को भारत की गौरवमयी पुरानी परंपरा से परिचित कराया जाए। उन्होंने कहा कि आज यहां उपस्थित सभी लोग धोती-कुर्ता जैसे स्वदेशी कपड़ों में नजर आ रहे हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि भारतीयता को फिर से जीवित किया जाए। आजकल का नौजवान धोती-कुर्ता बहुत कम पहनता है, कम से कम त्योहारों पर अपना स्वदेशी वस्त्र अवश्य पहनें।

शस्त्रों पर पर्ची लगाने को लेकर उन्होंने कहा कि शस्त्रों के लाइसेंस और पर्ची लगाना स्वाभाविक है। इतने सारे शस्त्रों के प्रबंधन में नाम पूछा जाता है, इसलिए नाम की पर्ची लगाई जाती है, जिससे किसी तरह की असुविधा न हो।

बता दें कि पत्नी भानवी सिंह के आरोपों के बाद राजा भैया ने समर्थकों के साथ लगातार दूसरे साल लोगों के सामने दशहरे पर हथियारों का पूजन किया है। भानवी सिंह ने 18 सितंबर 2025 को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि राजा भैया के पास अवैध हथियारों का जखीरा है, जिनसे मास डिस्ट्रक्शन हो सकता है। इसके जवाब में उनके करीबी अक्षय प्रताप ने कहा था कि राजा भैया के पास एक भी ऐसा नौकर नहीं, जिसके पास लाइसेंस और असलहा न हो, सारे लीगल शस्त्र हैं।

Location :  Pratapgarh

Published :  20 October 2026, 7:30 PM IST

Advertisement