Prayagraj: न ज्वाइनिंग, न जवाब… ग्राम विकास अधिकारी कहां हुआ लापता? जानिये चौंकाने वाला मामला

प्रयागराज में निलंबित ग्राम विकास अधिकारी गिरीश मिश्र डेढ़ साल से संबद्ध कार्यालय नहीं पहुंचे और नोटिस का जवाब भी नहीं दिया। संयुक्त विकास आयुक्त के निरीक्षण में मामला सामने आने के बाद विभाग ने उनकी तलाश शुरू कर दी है।

Post Published By: Subhash Raturi
Updated : 26 June 2026, 2:06 PM IST

Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सरकारी कार्यों में लापरवाही के आरोप में निलंबित किए गए ग्राम विकास अधिकारी (VDO) डेढ़ साल से न तो संबद्ध कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे और न ही विभाग द्वारा जारी नोटिस का कोई जवाब दिया। मामला तब उजागर हुआ जब संयुक्त विकास आयुक्त के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली। अब विभाग ने VDO की तलाश शुरू कर दी है।

निलंबन के बाद मेजा ब्लॉक से किया गया था संबद्ध

जानकारी के अनुसार, ग्राम विकास अधिकारी गिरीश (मिरीश) मिश्र हंडिया विकास खंड में तैनात थे। सरकारी कार्यों में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना के आरोप में उन्हें 9 अक्टूबर 2024 को निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के बाद नियमानुसार उन्हें मेजा विकास खंड से संबद्ध किया गया, जहां उन्हें कार्यभार ग्रहण करना था। हालांकि उन्होंने वहां कभी योगदान नहीं दिया।

डेढ़ साल तक अफसरों ने नहीं ली कोई सुध

हैरानी की बात यह रही कि निलंबन के बाद करीब डेढ़ वर्ष तक न तो संबंधित ब्लॉक अधिकारियों ने उनकी उपस्थिति की समीक्षा की और न ही जिला स्तर पर किसी ने इस पर ध्यान दिया। विभाग की ओर से जारी नोटिस का भी कोई जवाब नहीं मिला, लेकिन इसके बावजूद उनकी अनुपस्थिति पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

निरीक्षण में खुली पोल, अब शुरू हुई तलाश

मामले का खुलासा 12 जून को संयुक्त विकास आयुक्त मत्स्य नाथ द्विवेदी के हंडिया ब्लॉक निरीक्षण के दौरान हुआ। निरीक्षण में पता चला कि निलंबित अधिकारी न तो संबद्ध कार्यालय पहुंचे और न ही विभाग से संपर्क में हैं। इसके बाद जिला विकास अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए और अब VDO की तलाश शुरू कर दी गई है।

संयुक्त विकास आयुक्त ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

संयुक्त विकास आयुक्त मत्स्य नाथ द्विवेदी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह गंभीर लापरवाही सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। विभाग अब संबंधित अधिकारी के घर पर भी पत्राचार करने की तैयारी कर रहा है, ताकि उनकी वर्तमान स्थिति का पता लगाया जा सके।

प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

इस मामले ने सरकारी विभागों की निगरानी प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निलंबित अधिकारी का लंबे समय तक विभागीय रिकॉर्ड से लगभग गायब रहना और अधिकारियों द्वारा समय पर इसकी समीक्षा न करना प्रशासनिक कार्यप्रणाली की बड़ी चूक माना जा रहा है। अब विभाग पूरे प्रकरण की जांच कर आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।

Location :  Prayagraj

Published :  26 June 2026, 2:06 PM IST