घर-दुकानों के सामने नहीं लगने देंगे खंभे! बिहारगंज में हाईटेंशन लाइन पर बवाल, SDO से हुई झड़प

प्रतापगढ़ के बिहारगंज बाजार में 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के खंभे लगाने को लेकर बवाल हो गया। घर-दुकानों के बेहद करीब खंभे लगाए जाने का बाजारवासियों ने विरोध करते हुए काम रुकवा दिया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 15 September 2026, 12:55 PM IST

Pratapgarh: सदर तहसील क्षेत्र के बिहारगंज बाजार में 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन के खंभे लगाने को लेकर मंगलवार को माहौल गरमा गया। घरों और दुकानों के बेहद करीब खंभे लगाए जाने से नाराज बाजारवासियों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। लोगों का कहना है कि उन्हें विकास कार्य से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन घनी आबादी के बीच से हाईटेंशन लाइन ले जाना भविष्य में बड़े खतरे का कारण बन सकता है। इसी मुद्दे को लेकर मौके पर पहुंचे विद्युत विभाग के एसडीओ सदर अजय कुमार से स्थानीय लोगों की कहासुनी भी हो गई।

घर से कुछ फीट की दूरी पर लगाए जा रहे थे खंभे

चिलबिला-अमेठी हाईवे के चौड़ीकरण के चलते विद्युत विभाग की 33 हजार वोल्ट की लाइन को शिफ्ट किया जा रहा है। इसी क्रम में बिहारगंज बाजार में नए खंभे लगाए जाने थे। लेकिन जैसे ही खंभे लगाने का काम शुरू हुआ, स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और इसका विरोध शुरू कर दिया।

बाजारवासियों का कहना है कि प्रस्तावित लाइन रिहायशी मकानों और दुकानों के काफी करीब से गुजर रही है। ऐसे में किसी तकनीकी खराबी, तार टूटने या अन्य दुर्घटना की स्थिति में लोगों की जान-माल को खतरा हो सकता है। इसी वजह से लोगों ने खंभे लगाने का काम रुकवा दिया।

अंडरग्राउंड लाइन की मांग पर अड़े बाजारवासी

बाजार निवासी विनोद, राजेश पांडेय, बृजेश पांडेय, मनोज विश्वकर्मा समेत अन्य लोगों ने कहा कि उन्हें बिजली लाइन शिफ्ट किए जाने से कोई आपत्ति नहीं है। उनका विरोध सिर्फ इस बात को लेकर है कि घनी आबादी वाले बाजार में हाईटेंशन लाइन को खुले तारों के जरिए क्यों ले जाया जा रहा है। लोगों की मांग है कि बिहारगंज बाजार क्षेत्र में लाइन को अंडरग्राउंड किया जाए, ताकि घरों और दुकानों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरने का खतरा खत्म हो सके।

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मौके पर पहुंचे SDO, JE और ठेकेदार

विरोध की सूचना मिलने पर विद्युत विभाग के SDO सदर अजय कुमार, जूनियर इंजीनियर और संबंधित ठेकेदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बाजारवासी अपनी मांग पर अड़े रहे। इसी दौरान अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। स्थिति को देखते हुए विद्युत विभाग को फिलहाल खंभे लगाने का काम रोकना पड़ा।

बजट की कमी का दिया हवाला

मामले को लेकर एसडीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि फिलहाल बजट की कमी के कारण लाइन को ओपन यानी हवाई मार्ग से ले जाने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। अब उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

सेतापुर में अंडरग्राउंड लाइन तो बिहारगंज में क्यों नहीं?

बिहारगंज बाजार में लाइन को अंडरग्राउंड करने की मांग के बीच अब सेतापुर का मामला भी चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी परियोजना के तहत सेतापुर क्षेत्र में बिजली लाइन को अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। ऐसे में बाजारवासियों का सवाल है कि अगर सेतापुर के लिए अंडरग्राउंड लाइन का प्रस्ताव बनाया जा सकता है, तो बिहारगंज जैसे घने रिहायशी और व्यापारिक इलाके में यह व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकती?

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लिखित आश्वासन के बाद ही काम शुरू होने देने की बात

बाजार के व्यापारियों और निवासियों ने साफ कहा है कि वे अपने घरों और दुकानों के बेहद करीब 33 हजार वोल्ट की लाइन नहीं चाहते। लोगों का कहना है कि जब तक बिहारगंज में भी सेतापुर की तर्ज पर अंडरग्राउंड लाइन को लेकर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे निर्माण कार्य शुरू नहीं होने देंगे। अब मामला विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों के पास पहुंच चुका है। ऐ

Location :  Pratapgarh

Published :  15 September 2026, 12:55 PM IST