फिल्मी अंदाज में धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या की साजिश, भरोसेमंद चालक ने ही रची साजिश; दो आरोपी गिरफ्तार

महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आरोप है कि उनके भरोसेमंद चालक ने ही साजिश में शामिल होकर वारदात को अंजाम दिया। चलती फॉर्च्यूनर में बेहोश कर हत्या करने और गाड़ी छोड़कर फरार होने की पूरी कहानी जानिए।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 31 August 2026, 10:52 AM IST

Lucknow: महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह (45) की हत्या की वारदात ने सनसनी फैला दी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अपहरण के बाद उनकी हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई। आरोपियों ने कथित तौर पर चलती फॉर्च्यूनर गाड़ी में रूमाल से नशीला पदार्थ सुंघाकर धीरेंद्र प्रताप सिंह को बेहोश किया और फिर उन्हें गोली मार दी।

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ऐसी सुनसान जगह पर फेंक दिया, जहां उसे तलाशना मुश्किल था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को मेदांता अस्पताल के पास छोड़कर फरार हो गए।

10 साल पुराने भरोसे का उठाया फायदा

एडीसीपी दक्षिण रल्लापल्ली वसंथ कुमार ने बताया कि अब तक की जांच में चार लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने चालक रवि किशन और उसके एक साथी को हिरासत में लिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

जांच में पता चला कि चालक रवि किशन करीब 10 वर्षों से धीरेंद्र प्रताप सिंह के साथ काम कर रहा था और वह उनका बेहद भरोसेमंद माना जाता था। पुलिस के अनुसार, साजिशकर्ताओं ने इसी भरोसे का फायदा उठाया और चालक को कथित तौर पर सुपारी का लालच देकर हत्या की योजना में शामिल किया।

हालांकि, अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि चालक को कितनी रकम देने की बात तय हुई थी।

चालक और साथी गिरफ्तार

पुलिस ने हत्या के मामले में बाराबंकी निवासी चालक रवि कुमार तिवारी और गोमतीनगर निवासी उसके साथी ओमकार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रवि कुमार फिलहाल पीजीआई के नीलमथा इलाके में रह रहा था।

पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

गनर को ड्यूटी पर आने से रोकने का आरोप

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, धीरेंद्र प्रताप सिंह को सुरक्षा के लिए दो गनर मिले हुए थे। शनिवार को इनमें से एक गनर बीमारी के कारण ड्यूटी पर नहीं आया था।

आरोप है कि चालक रवि किशन ने साजिश के तहत दूसरे गनर को भी ड्यूटी पर आने से मना कर दिया था। एडीसीपी ने बताया कि दोनों गनर उन्नाव पुलिस की ओर से उपलब्ध कराए गए थे। पुलिस जल्द ही दोनों से पूछताछ करेगी कि वे उस दिन ड्यूटी पर क्यों मौजूद नहीं थे।

फरार आरोपियों की तलाश तेज

पुलिस ने बताया कि हत्या की साजिश में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

Location :  Lucknow

Published :  31 August 2026, 10:52 AM IST