Noida Engineer Death: बिल्डर ने 4 साल पहले बता दिया था यहां किसी की जान चली जाएगी, इस लेटर ने मचाया तहलका

नोएडा में टेक कर्मचारी की मौत के मामले में सामने आए दस्तावेज बताते हैं कि बिल्डर ने 2022 में ही खतरे की चेतावनी दी थी, लेकिन अथॉरिटी की निष्क्रियता ने हादसे को न्योता दिया।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 21 January 2026, 2:32 PM IST

Noida: नोएडा में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद सिस्टम की लापरवाही को लेकर जो गुस्सा सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक दिखा, अब उसकी परतें खुलने लगी हैं। इस मामले में अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट से जुड़े बिल्डर की गिरफ्तारी के बाद कहानी ने नया मोड़ ले लिया है। मिले दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि जिस बिल्डर को अब कटघरे में खड़ा किया जा रहा है, उसने करीब तीन साल पहले ही नोएडा अथॉरिटी को संभावित खतरे को लेकर लिखित चेतावनी दी थी। इसके बावजूद अधिकारियों की निष्क्रियता ने एक युवक की जान ले ली।

तीन साल पहले दी गई थी खतरे की चेतावनी

साल 2022 में विज़टाउन प्लानर्स नाम की फर्म ने नोएडा अथॉरिटी को एक औपचारिक पत्र लिखा था। इस पत्र में साफ तौर पर बताया गया था कि साइट के पास सीवर और मेन ड्रेन लाइनें ढह चुकी हैं। इसके चलते प्लॉट के बेसमेंट में सीवेज और बारिश का पानी भर रहा है। यही वही बेसमेंट है, जहां बाद में युवक अपनी कार के साथ डूब गया और उसकी मौत हो गई।

“गंभीर दुर्घटना” की आशंका पहले ही जताई थी

विज़टाउन प्लानर्स के अधिकारी अंचल बोहरा ने अपने पत्र में अधिकारियों को आगाह किया था कि अगर हालात को तुरंत नहीं सुधारा गया तो यह किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। उन्होंने लिखा था कि अगर सीवर और ड्रेन लाइनों की मरम्मत नहीं हुई और नाले का पानी बाहर नहीं निकाला गया तो अनजाने में किसी की जान जा सकती है। इसके बावजूद अथॉरिटी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

कमजोर दीवारें और धंसती सड़कें

बिल्डर की ओर से यह भी बताया गया था कि लंबे समय तक पानी भरे रहने से प्लॉट की बाउंड्री वॉल कमजोर हो गई है और उसके कुछ हिस्से गिर चुके हैं। पत्र में यह भी जिक्र था कि आसपास की सड़कें धंस रही हैं और पानी के दबाव के चलते साइट पर की गई अस्थायी बैरिकेडिंग भी काम नहीं कर पा रही है। इस चेतावनी के साथ पानी से भरे बेसमेंट की तस्वीरें भी अधिकारियों को सौंपी गई थीं।

अब गिरफ्तारी, तब क्यों चुप रहा सिस्टम?

घटना के बाद गुस्साए लोगों और बढ़ते दबाव के बीच मंगलवार को बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि जब खतरे की जानकारी पहले से थी तो नोएडा अथॉरिटी ने समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए। क्या यह हादसा टाला जा सकता था? जवाब साफ है, अगर सिस्टम जाग जाता तो शायद एक 27 साल का युवक आज जिंदा होता।

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  • Noida

Published : 
  • 21 January 2026, 2:32 PM IST