NEET Paper Leak: पूर्वांचल और पटना तक फैल चुके पांच साल पुराने सॉल्वर गिरोह को STF ने रडार पर लिया

NEET पेपर लीक मामले में पांच साल पुराने सॉल्वर गिरोह पर यूपी STF की नजर। पूर्वांचल और पटना तक फैले गिरोह के सरगना निलेश कुमार सिंह और अन्य आरोपियों की गतिविधियों की जांच तेज। 42 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी मामले की जांच जारी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 16 May 2026, 3:00 PM IST

Varanasi: नीट (NEET) पेपर लीक मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पांच साल पुराने सॉल्वर गिरोह को फिर से अपने रडार पर ले लिया है। 2021 में सारनाथ पुलिस ने इस गिरोह के सरगना समेत कुल 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब एसटीएफ पूर्वांचल समेत पटना तक के गिरोह के कनेक्शन की भी जांच तेज कर रही है।

2021 का खुलासा और गिरफ्तारी

पाँच साल पहले, 12 सितंबर 2021 को सारनाथ थाना क्षेत्र के सरायमोहाना स्थित परीक्षा केंद्र पर त्रिपुरा निवासी हीना विश्वास की जगह बीएचयू की मेडिकल छात्रा जूली कुमारी ने परीक्षा दी। इस दौरान जूली को पकड़ लिया गया और केंद्र के बाहर उसकी मां बबिता देवी को भी गिरफ्तार किया गया।

तत्कालीन पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना निलेश कुमार सिंह उर्फ पीके सहित कुल 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। निलेश कुमार सिंह मूलतः छपरा और पटना के पाटलीपुत्र निवासी थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद पांच राज्यों में फैले गिरोह के अन्य सदस्य भी पकड़ में आए।

NEET-UG 2026 पेपर लीक केस : सीबीआई ने किंगपिन को दबोचा, पूरे रैकेट को लेकर बड़ा अपडेट

गिरोह का नेटवर्क और प्रमुख आरोपी

नीट पेपर लीक सॉल्वर गिरोह के प्रमुख सदस्य निलेश कुमार सिंह के सबसे भरोसेमंद साथी रहे ओसामा शाहिद, कन्हैयालाल सिंह, क्रांति कौशल, ओमप्रकाश सिंह, राजू कुमार, डॉ अफरोज, मुंतजिर, डॉ प्रिया, डॉ गणेश, मृत्युंजय, दिव्य ज्योति नाग उर्फ देबू, आशुतोष राजा, प्रवीण, प्रमोद, हामिद रजा, पीयूष, चंदन, संजीव और प्रदीप भट्टाचार्य थे।

इन आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हुई थी। इस बड़े सिंडिकेट के खुलासे के दौरान कई अभ्यर्थियों की भी गिरफ्तारी हुई थी।

जमानत पर छूट और पुनः जांच

हालांकि लचर पैरवी और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण सभी आरोपी अब जेल से छूट चुके हैं और जमानत पर हैं। इसके बावजूद एसटीएफ ने उनकी गतिविधियों पर नजर नहीं छोड़ी है। विशेषकर गिरोह के सरगना निलेश कुमार सिंह, ओसामा शाहिद और डॉ प्रिया समेत अन्य प्रमुख आरोपियों की चाल-चलन और नए नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

अगले साल से NEET परीक्षा होगी ऑनलाइन, शिक्षा मंत्री ने कहा – गड़बड़ी की संभावना समाप्त

एसटीएफ का मानना है कि पूर्वांचल और पटना तक फैल चुके इस गिरोह के कनेक्शन नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल हो सकते हैं। इस वजह से जांच के दायरे को व्यापक रखा गया है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि अनदेखी न रहे।

Location :  Varanasi

Published :  16 May 2026, 3:00 PM IST