मुजफ्फरनगर में झोला फैक्ट्री का काला सच, पिटबुल कुत्तों के पहरे में रखे गए 13 बंधुआ मजदूर मुक्त

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक झोला बनाने वाली फैक्ट्री से 13 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 24 June 2026, 7:56 PM IST

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक झोला बनाने वाली फैक्ट्री से 13 मजदूरों को रेस्क्यू किया गया है। आरोप है कि इन मजदूरों को अच्छी सैलरी का लालच देकर फैक्ट्री में लाया गया था, लेकिन बाद में उनके मोबाइल और आधार कार्ड छीन लिए गए। मजदूरों को करीब दो साल तक फैक्ट्री में बंधक बनाकर रखा गया। बताया जा रहा है कि उनकी पिटाई की जाती थी और निगरानी के लिए पिटबुल कुत्ते रखे गए थे। प्रशासन और श्रम विभाग की टीम ने छापा मारकर मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला।

मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी 

यह मामला तब सामने आया जब फैक्ट्री में काम कर रहे एक मजदूर किसी तरह वहां से निकलने में सफल हो गया। उसने प्रशासन और पुलिस को पूरी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद श्रम विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर फैक्ट्री में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला। 

मजदूरों को दिया गया था नौकरी का लालच

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मजदूरों को 8 से 12 हजार रुपये मासिक वेतन और बेहतर रोजगार का झांसा देकर फैक्ट्री में लाया गया था। इनमें कई मजदूर दूसरे राज्यों और नेपाल से भी लाए गए थे। फैक्ट्री पहुंचने के बाद उनके मोबाइल फोन और पहचान पत्र अपने कब्जे में ले लिए गए थे।

पिटबुल कुत्तों के पहरे में रहते थे मजदूर

मुक्त कराए गए मजदूरों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री परिसर में दो पिटबुल कुत्ते रखे गए थे, ताकि कोई मजदूर भागने की कोशिश न कर सके। मजदूर लगातार डर के माहौल में रहते थे और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। 

मारपीट और भूखे रखने के आरोप

मजदूरों का आरोप है कि उनसे लंबे समय तक काम कराया जाता था। विरोध करने पर बेल्ट और डंडों से मारपीट की जाती थी। उन्हें पर्याप्त भोजन भी नहीं दिया जाता था। कुछ मजदूरों ने बताया कि कई बार पूरे दिन में केवल एक रोटी या बेहद कम खाना दिया जाता था। कई मजदूरों के शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। 

पुलिस ने की कार्रवाई

छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ बंधुआ मजदूरी, मारपीट, बाल श्रम और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है।

बंधुआ मजदूरी पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर बंधुआ मजदूरी और मजदूरों के शोषण जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है। प्रशासन का कहना है कि पीड़ित मजदूरों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  मुजफ्फरनगर की इस कार्रवाई ने बंधुआ मजदूरी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। मजदूरों को नौकरी का झांसा देकर फैक्ट्री में बंधक बनाकर रखने और उनके साथ अमानवीय व्यवहार करने के आरोप बेहद गंभीर हैं। अब जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  24 June 2026, 7:56 PM IST