मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: साहिल के घरवालों का पसीजा दिल, बहुरानी मुस्कान को फांसी से बचाने के लिए पहुंचे हाईकोर्ट

मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में फांसी की सजा पाए मुस्कान और साहिल मामले में नया मोड़ आया है। साहिल के परिवार ने मुस्कान की पैरवी के लिए भी वकील किया है। वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील शुक्ला ने दोनों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। जानिए जेल प्रशासन के बयान से लेकर पुलिस जांच में सामने आए अहम तथ्यों तक पूरी कहानी...

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 27 October 2026, 7:42 AM IST
Meerut News: मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में एक नया मोड़ सामने आया है। पति सौरभ की हत्या के मामले में फांसी की सजा पाए मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल की सजा के खिलाफ अब हाईकोर्ट में पैरवी की तैयारी है। हैरानी की बात यह है कि मुस्कान के मायके और ससुराल से दूरी बनाए रखने के बीच साहिल का परिवार उसके लिए वकील करने आगे आया है। दोनों की फांसी की सजा माफ कराने के लिए एक ही वकील ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस घटनाक्रम ने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

साहिल के परिवार ने मुस्कान के लिए भी किया वकील

मिली जानकारी के मुताबिक, साहिल के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील शुक्ला ही अब मुस्कान का पक्ष भी रखेंगे। दोनों की ओर से 23 अक्टूबर को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। याचिका में पहले साहिल का नाम और उसके बाद मुस्कान रस्तोगी का नाम दर्ज बताया गया है। मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि साहिल के परिवार ने ही मुस्कान के मुकदमे की पैरवी के लिए वकील किया है। उनके मुताबिक, मुस्कान ने पहले जेल प्रशासन से अपने लिए वकील की व्यवस्था करने की इच्छा जताई थी। उसके लिए सरकारी वकील देने की तैयारी भी चल रही थी, लेकिन बाद में उसने सरकारी वकील लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद मुस्कान ने बताया कि साहिल के वकील ही उसका केस लड़ेंगे।

जेल में मुस्कान से मिलने आ रहा साहिल का परिवार

बताया जा रहा है कि साहिल का छोटा भाई दिव्यांश शुक्ला, उसकी नानी और चाचा जेल में मुस्कान से मिलने आते रहे हैं। दूसरी तरफ, खबर के मुताबिक, हत्या के बाद करीब 18 महीने के दौरान मुस्कान के मायके या ससुराल से कोई उससे मिलने नहीं पहुंचा। मुस्कान के माता-पिता पहले ही पुलिस को लिखकर दे चुके हैं कि वे उससे मुलाकात नहीं करेंगे और उसकी सजा माफ कराने के लिए भी कोई कदम नहीं उठाएंगे। परिवार ने मीडिया के सामने भी मुस्कान से संबंध नहीं रखने की बात कही थी। ऐसे हालात में साहिल के परिवार की ओर से वकील उपलब्ध कराना इस मामले का अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।

पुलिस की गिरफ्त में मुस्कान

स्कूल से शुरू हुई थी मुस्कान और साहिल की दोस्ती

मुस्कान और साहिल उर्फ मोहित की दोस्ती ब्रह्मपुरी के विवेकानंद स्कूल में पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों आठवीं कक्षा तक साथ पढ़े थे। इसके बाद दोनों अलग हो गए और मुस्कान ने सौरभ से शादी कर ली।बताया जाता है कि 2019 में स्कूल के व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए दोनों फिर संपर्क में आए। इसके बाद उनकी नजदीकियां बढ़ीं। सौरभ विदेश में रहता था और मुस्कान मेरठ में रहती थी। पुलिस की जांच के मुताबिक, इसी दौरान मुस्कान और साहिल के संबंध गहरे होते गए। बाद में सौरभ को दोनों के रिश्ते की जानकारी हुई।

स्नैपचैट अकाउंट से सामने आए थे कई मैसेज

पुलिस जांच में मुस्कान के स्नैपचैट अकाउंट से 136 मैसेज रिकवर किए जाने की बात सामने आई थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, मुस्कान ने साहिल की मृत मां और बहन के नाम से फर्जी अकाउंट बनाए थे। इन अकाउंट के जरिए वह साहिल को संदेश भेजती थी। पुलिस के अनुसार, साहिल तंत्र-मंत्र और आत्माओं से बातचीत जैसी बातों पर भरोसा करता था और मुस्कान ने इसी का फायदा उठाया। जांच में ऐसे संदेश भी सामने आने की बात कही गई, जिनमें सौरभ की हत्या और मुस्कान से शादी करने को साहिल की मां की कथित आखिरी इच्छा से जोड़कर पेश किया गया था।

सौरभ की हत्या में दोनों की भूमिका की हुई थी जांच

पुलिस के मुताबिक, सौरभ की हत्या में मुस्कान और साहिल दोनों की भूमिका सामने आई थी। जांच में आरोप लगाया गया कि साहिल ने मुस्कान को चाकू चलाने के लिए उकसाया और बाद में उसके हाथ पकड़कर सौरभ के सीने पर वार किए। पुलिस ने यह भी दावा किया था कि साहिल सौरभ के शरीर के कटे हुए अंग लेकर अपने कमरे पर गया था। इस मामले में दोनों को अदालत से फांसी की सजा मिली है। अब सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अहम होगी। हालांकि, याचिका दाखिल होने का मतलब सजा माफ होना नहीं है। अंतिम फैसला हाईकोर्ट की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।

Location :  Meerut

Published :  27 October 2026, 7:42 AM IST