कौशाम्बी जिलाधिकारी डॉ अमित पाल ने ग्राम रघुनाथपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय और पंचायत भवन का निरीक्षण किया। अधूरी बाउंड्रीवाल, गंदे शौचालय और लापरवाह विकास कार्यों पर नाराजगी जताते हुए ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित किया।

जिलाधिकारी डॉ अमित पाल का अचानक निरीक्षण
Kaushambi, Sirathu: जिलाधिकारी डॉ अमित पाल ने आज विकास खण्ड सिराथू की ग्राम रघुनाथपुर में उच्च प्राथमिक विद्यालय और पंचायत भवन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न व्यवस्थाओं में गड़बड़ी पाई और संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उच्च प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने पाया कि विद्यालय का बाउंड्रीवाल अधूरा है और मुख्य गेट नहीं लगाया गया है। इस पर उन्होंने खंड विकास अधिकारी को तुरंत बाउंड्रीवाल का कार्य पूर्ण कराने और गेट लगवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है, खासकर शौचालय की। उन्होंने प्रधानाचार्य और ग्राम प्रधान को स्पष्ट निर्देश दिए कि शौचालय की साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और बच्चों के लिए स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापक से विद्यालय में नामांकित बच्चों की जानकारी प्राप्त की और कहा कि बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता और मध्यान्ह भोजन की स्थिति पर भी जोर दिया, यह सुनिश्चित करने के लिए कि बच्चों को मानक के अनुरूप पोषणयुक्त भोजन मिले।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी पाया कि कक्षाओं में निपुण तालिका नहीं लगी है। इस पर उन्होंने प्रधानाध्यापक को निपुण तालिका लगाने और उसे समय-समय पर अपडेट रखने के निर्देश दिए। विद्यालय परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार वितरण और इ.सी.सी.ई. (शिशु शिक्षण उपकरण) का उपयोग नहीं होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सी.डी.पी.ओ. को सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और पोषाहार वितरण को समयबद्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।
अधूरी विकास परियोजनाओं पर नाराज जिलाधिकारी
पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि भवन जर्जर अवस्था में है। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को आवश्यक सुधार कार्य तुरंत कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने गाँव की नालियों और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा सभी बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने पाया कि स्कूल के बाउंड्रीवाल का कार्य अधूरा, गेट न लगना और सामुदायिक शौचालय की सफाई ठीक न होना जैसी लापरवाहियां ग्राम विकास अधिकारी के जिम्मेदारी क्षेत्र में आती हैं। इसके चलते उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी विनय कुमार चौधरी को निलंबित करने का आदेश दिया।
जिलाधिकारी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय टीम गठित की, जिसमें परियोजना निदेशक, अधिशासी अभियंता लो.नि.वि. और सहायक वित्त व लेखाधिकारी बेसिक शामिल हैं। यह टीम जल्द ही निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
इस दौरे पर खंड विकास अधिकारी सिराथू भावेश शुक्ला सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी की कड़ी कार्रवाई से स्थानीय प्रशासन में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, जिलाधिकारी डॉ अमित पाल ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि बच्चों की शिक्षा, विद्यालय की संरचना और गाँव की बुनियादी सुविधाएं समय पर पूरी और प्रभावी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी में लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।