कन्नौज ब्रेकिंग: निर्धारित समय बीतने के बाद भी नहीं खुला प्राथमिक विद्यालय सिखवापुर का गेट। शिक्षक नदारद, बाहर सड़क पर खड़े रहे दर्जनों छात्र। प्रशासन की ढिलाई और शिक्षकों की मनमानी पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा। जानें क्या है पूरा मामला।

कन्नौज: स्कूल से गुरुजी नदारद (source: dynamite)
Kannauj: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के उमर्दा विकास खंड से सरकारी शिक्षा व्यवस्था के संचालन पर सवाल खड़े करने वाली एक रिपोर्ट सामने आई है। यहां के प्राथमिक विद्यालय सिखवापुर में शुक्रवार को निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका। शासन द्वारा सरकारी विद्यालयों के खुलने का समय सुबह 9:00 बजे तय किया गया है। लेकिन, प्रत्यक्षदर्शियों और उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुबह 9:30 बजे तक भी विद्यालय का मुख्य द्वार बंद रहा और कोई भी शिक्षक मौके पर उपस्थित नहीं था। इस दौरान विद्यालय पहुंचे दर्जनों छात्र स्कूल के गेट के बाहर खड़े होकर शिक्षकों के आने की प्रतीक्षा करते देखे गए।
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सिखवापुर के स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों का देरी से आना यहां एक स्थायी समस्या बन चुकी है, जिससे छात्रों का शैक्षणिक समय बर्बाद हो रहा है। अभिभावकों के अनुसार, इस अनियमितता के संबंध में पूर्व में भी संबंधित विभागीय अधिकारियों को सूचित किया गया था, परंतु अब तक धरातल पर कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि उच्चाधिकारियों की ढिलाई के कारण ही विद्यालय के स्टाफ में अनुशासन की कमी देखी जा रही है, जो सीधे तौर पर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को प्रभावित कर रही है।
यह घटनाक्रम राज्य सरकार के उन दावों के विपरीत है, जिनमें परिषदीय विद्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति और समयबद्धता सुनिश्चित करने की बात कही जाती है। विद्यालय के समय से न खुलने के कारण न केवल छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है, बल्कि स्कूल परिसर के बाहर सड़क पर खड़े बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
इस मामले में अब स्थानीय निवासियों की मांग है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालय का औचक निरीक्षण करें और दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय नियमावली के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।