भारत-नेपाल सीमा पर बड़ा खुलासा! दोहरी नागरिकता के खेल से मचा हड़कंप, फर्जी दस्तावेज़ों का पूरा नेटवर्क बेनकाब

भारत-नेपाल सीमा से सामने आए एक बड़े खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जांच में ऐसे लोगों का नेटवर्क सामने आया है, जिन्होंने कथित तौर पर दोनों देशों की पहचान का फायदा उठाया। मामला सिर्फ फर्जी दस्तावेज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं से जुड़े बड़े खेल की भी आशंका है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 6 July 2026, 9:59 AM IST

Balrampur: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में भारत-नेपाल सीमा पर जिला प्रशासन की जांच में कथित दोहरी नागरिकता और फर्जी दस्तावेज़ों का बड़ा मामला सामने आया है। जांच के अनुसार, नेपाल के दांग जिले के कोइलाबास गांव से जुड़े 27 लोगों ने कथित रूप से भारतीय सीमा में रहकर आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज़ बनवा लिए। मामले के सामने आने के बाद जरवा कोतवाली पुलिस ने 25 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सूची में शामिल एक व्यक्ति की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

सीमावर्ती इलाकों में मचा हड़कंप

प्रशासन की कार्रवाई के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में हलचल तेज हो गई है। जांच में पता चला कि आरोपी बलरामपुर के जरवा क्षेत्र के बालापुर, अनवरडीह और तुलसीपुर के शीतलापुर रिज़वान गली सहित कई स्थानों पर रह रहे थे। पुलिस की एफआईआर में अब्दुल कादिर सिद्दीकी, सलीम सिद्दीकी, अब्दुल रहमान समेत कुल 25 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें सात महिलाएं भी शामिल हैं।

भारत और नेपाल, दोनों की वोटर लिस्ट में नाम

जरवा कोतवाली के प्रभारी योगेश प्रताप सिंह के अनुसार, उपनिरीक्षक शंभू सिंह की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि आरोपियों के नाम भारत की मतदाता सूची में ग्राम सभा रतनपुर झिंगहा और शीतलापुर में दर्ज हैं। वहीं, नेपाल के दांग जिले के कोइलाबास वार्ड-8 की मतदाता सूची में भी ये लोग नागरिक के रूप में दर्ज पाए गए।

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सरकारी योजनाओं में फर्जी लाभ लेने की आशंका

प्राथमिक जांच में आशंका जताई गई है कि आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी भारतीय दस्तावेज़ों के आधार पर राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, वृद्धावस्था और विधवा पेंशन, मनरेगा जॉब कार्ड तथा किसान सम्मान निधि जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ लिया। हालांकि, इन दावों की विस्तृत जांच अभी जारी है।

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स्थानीय नेटवर्क की भी होगी जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित फर्जीवाड़े में स्थानीय स्तर पर किन लोगों ने सहयोग किया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सरकारी योजनाओं के जरिए कितनी आर्थिक क्षति हुई। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Balrampur

Published :  6 July 2026, 9:59 AM IST