Ghaziabad : क्या आग के बाद रहने लायक गौड़ ग्रीन एवेन्यू? टावर में मिली दरार, दीवारों पर लगे स्टील की एंगल तक पिघले

इंदिरापुरम की गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में लगी भीषण आग के बाद टावर डी की संरचना पर खतरे के संकेत मिले हैं। मुख्य पिलर में दरार और कमजोर हुए सरियों ने बिल्डिंग की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने जांच टीम गठित कर रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद ही तय होगा कि इमारत में रहना सुरक्षित है या नहीं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 1 May 2026, 4:30 PM IST

Ghaziabad : इंदिरापुरम की गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में लगी भीषण आग ने पूरी इमारत की मजबूती पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग बुझने के बाद सामने आई तस्वीरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। टावर डी की बिल्डिंग करीब चार घंटे तक तेज तापमान की चपेट में रही। जिससे उसके मुख्य पिलर में करीब तीन फीट लंबी दरार पड़ गई। विशेषज्ञों के मुताबिक, इतनी देर तक आग की गर्मी झेलने के बाद इमारत की संरचना कमजोर हो सकती है, जिससे भविष्य में बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

आग की तपिश से कमजोर हुआ टावर का ढांचा

बुधवार को लगी आग ने टावर डी के आठ फ्लैट्स को बुरी तरह प्रभावित किया। इनमें से सात फ्लैट लगभग पूरी तरह तबाह हो गए। फ्लैट्स के अंदर रखा फर्नीचर, पीवीसी वर्क और घरेलू सामान आग को तेजी से फैलाने का कारण बना। घटना के दौरान करीब 12 एयर कंडीशनर और एक दर्जन से ज्यादा फ्रिज ब्लास्ट हो गए। कई स्टील के पंखे गर्मी की वजह से पिघलकर नीचे लटक गए।

Ghaziabad : आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि दीवारों पर लगी स्टील की एंगल तक पिघल गईं। गर्मी के कारण प्लास्टर झड़ गया और दीवारों व छत की मजबूती पर असर पड़ा। विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक आग का ताप झेलने से कंक्रीट और लोहे के बीच की पकड़ कमजोर हो जाती है, जिससे इमारत की भार वहन क्षमता घट सकती है।

जांच रिपोर्ट के बाद ही तय होगा लोगों का रहना

हादसे के बाद जिला प्रशासन ने टावर की संरचनात्मक सुरक्षा जांच कराने का फैसला लिया है। जिलाधिकारी ने चार सदस्यीय टीम गठित की है, जिसमें प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, फायर विभाग और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी विभाग के अधिकारी शामिल हैं। यह टीम तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि इमारत को पूरी तरह खाली कराया जाए या स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट देकर लोगों को दोबारा रहने की अनुमति दी जाए। जांच के दौरान फ्लैट्स में इस्तेमाल किए गए पीवीसी वर्क और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भूमिका भी परखी जाएगी। आग को बढ़ाने में इनकी अहम भूमिका सामने आई है।

आरडब्ल्यूए ने स्ट्रक्चर ऑडिट और स्काई ब्रिज का दिया प्रस्ताव

घटना के बाद सोसाइटी की आरडब्ल्यूए ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टावर डी का स्ट्रक्चर ऑडिट कराने का फैसला लिया है। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत और रखरखाव का रोडमैप तैयार किया जाएगा। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि नुकसान का पूरा आकलन विशेषज्ञ रिपोर्ट के बाद ही किया जाएगा।

आरडब्ल्यूए उपाध्यक्ष दिनेश त्यागी ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा। इसके तहत जीडीए के सामने हर तीन से चार मंजिल पर दो टावरों के बीच स्काई ब्रिज बनाने का प्रस्ताव रखा जाएगा।

Location :  Ghaziabad

Published :  1 May 2026, 4:30 PM IST