हाथरस में सरकारी चावल की तस्करी पर प्रशासन का शिकंजा, ट्रक से ट्रैक्टर में लोड हो रहे चावल के 200 बोरे बरामद

हाथरस के सासनी में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रक से ट्रैक्टर में लोड किए जा रहे सरकारी राशन के 200 बोरे बरामद किए। इस दौरान चालक फरार हो गया, और चावल को राशन डीलर के सुपुर्द कर जांच शुरू कर दी गई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 October 2026, 9:40 AM IST

Hathras: हाथरस जिले के सासनी क्षेत्र में प्रशासनिक अमले ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी राशन के चावल की कालाबाजारी के प्रयास को नाकाम कर दिया है। मंगलवार देर शाम हुई इस छापेमारी से क्षेत्र के राशन माफियाओं में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने मौके से ट्रक से ट्रैक्टर में लोड किए जा रहे चावल के 200 बोरे जब्त कर लिए हैं, और पूरे मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी है।

भाविनी कोल्ड स्टोरेज के पास हुई कार्रवाई

मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर शाम सासनी के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) शिव प्रकाश यादव को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि भाविनी कोल्ड स्टोरेज के पास संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। सूचना में बताया गया कि एक ट्रक से भारी मात्रा में सरकारी राशन का चावल उतारकर उसे ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड किया जा रहा है, जिसे अवैध रूप से ठिकाने लगाने की योजना थी।

गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने तुरंत पूर्ति निरीक्षक और स्थानीय पुलिस बल को साथ लिया और मौके पर अचानक छापा मार दिया। प्रशासनिक टीम को देखते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

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मौके से चालक फरार, राशन डीलर के सुपुर्द हुआ चावल

छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीम ने ट्रैक्टर में लदे सरकारी चावल के कुल 200 बोरे बरामद किए। हालांकि, कार्रवाई भनक लगते ही ट्रैक्टर चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा।

प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से बरामद किए गए सभी चावल के बोरों को तुरंत कब्जे में ले लिया और आगे की व्यवस्था के लिए उन्हें सठिया गांव के संबंधित राशन डीलर के सुपुर्द कर दिया।

चावल के स्रोत और संलिप्त लोगों की तलाश जारी

इस पूरी घटना के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि यह चावल आखिरकार कहां से लाया गया था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले की गंभीरता को भांपते हुए देर रात एडीएम प्रशासन प्रशांत तिवारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

अब प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम फरार ट्रैक्टर चालक का पता लगाने के साथ-साथ क्षेत्र के सभी राशन डीलरों के अभिलेखों (स्टॉक रजिस्टर) का मिलान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि अभिलेखों की जांच के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि यह खाद्यान्न किस कोटे का था।

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प्रशासन सख्त: दर्ज होगी प्राथमिकी

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत आने वाला सरकारी राशन पात्र और गरीब कार्डधारकों तक पहुंचाने के लिए होता है। खाद्य एवं रसद विभाग इसकी आपूर्ति की कड़ी निगरानी करता है। ऐसे में इस तरह की अनधिकृत कालाबाजारी पर प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है।

एसडीएम शिव प्रकाश यादव ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच और तथ्यों के आधार पर इस कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने वाले सभी दोषियों की पहचान की जा रही है। प्रशासन इस मामले में जल्द ही गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद इसमें शामिल मुख्य सरगनाओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Hathras

Published :  14 October 2026, 9:35 AM IST