पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को जमानत, पत्नी नूतन ठाकुर को राहत नहीं, जानें क्या था पूरा मामला?

औद्योगिक प्लाट आवंटन मामले में पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को देवरिया कोर्ट से जमानत, पत्नी नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत खारिज, लखनऊ केस के चलते रिहाई पर संशय।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 20 January 2026, 3:06 PM IST

Deoria: जेल की सलाखों के पीछे बंद एक पूर्व आईपीएस अफसर, कोर्ट से मिली राहत और फिर भी रिहाई पर संशय। औद्योगिक प्लाट आवंटन में कथित धोखाधड़ी के मामले में 10 दिसंबर से देवरिया जेल में निरुद्ध पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को सोमवार को जनपद न्यायाधीश धनेंद्र प्रताप सिंह की अदालत से जमानत मिल गई। हालांकि, इस आदेश के बावजूद उनकी तत्काल रिहाई के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं अदालत ने उनकी पत्नी नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।

एक महीने बाद अदालत से मिली राहत

शाहजहांपुर से गिरफ्तार किए गए अमिताभ ठाकुर को करीब एक महीने बाद जिला न्यायालय से जमानत की राहत मिली है। उन पर आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी के जरिए औद्योगिक प्लाट का आवंटन कराया। मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन की दलीलों के बाद अदालत ने शर्तों के साथ जमानत मंजूर की।

कड़ी शर्तों पर मिली जमानत

अदालत ने आदेश दिया कि अमिताभ ठाकुर को एक-एक लाख रुपये के दो जमानतदार और एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करना होगा। इसके बाद संबंधित मजिस्ट्रेट की संतुष्टि पर उन्हें रिहा किया जाएगा। हालांकि यह राहत कागजों तक सीमित दिख रही है, क्योंकि कानूनी प्रक्रियाएं अभी पूरी होनी बाकी हैं।

नूतन ठाकुर को नहीं मिली राहत

इस मामले में एक बड़ा झटका अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर को लगा है। अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। इससे संकेत मिलते हैं कि जांच एजेंसियां इस प्रकरण को गंभीरता से ले रही हैं और आगे की कार्रवाई तेज हो सकती है।

लखनऊ भेजे जाने की तैयारी

जमानत मिलने के बावजूद अमिताभ ठाकुर की जेल से तत्काल रिहाई संभव नहीं है। जानकारी के अनुसार लखनऊ के गोमती नगर थाने में दर्ज वारंट ‘बी’ के एक अन्य मामले में उन्हें लखनऊ तलब किया गया है। ऐसे में अगर देवरिया जेल से रिहाई होती भी है, तो उन्हें पुलिस अभिरक्षा में सीधे लखनऊ जेल भेजा जाएगा।

कानूनी पेंच में उलझा मामला

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर से जुड़े इस मामले ने एक बार फिर प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में जाती है और उन्हें कब वास्तविक रूप से जेल से बाहर आने का मौका मिलता है।

Location : 
  • Deoria

Published : 
  • 20 January 2026, 3:06 PM IST