
25 लाख रुपये की रंगदारी का मामला (Img: Dyanamite News)
Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक महिला ठेकेदार ने 25 लाख रुपये की कथित जबरन मांग और धमकी देने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, रास्ते में उसकी कार रोककर कुछ लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की। आरोप है कि 25 लाख रुपये नहीं देने पर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भाजपा नेताओं समेत 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला ठेकेदार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी कार से कहीं जा रही थी। इसी दौरान तांबेश्वर चौराहे के पास कुछ लोगों ने उसकी कार को रोक लिया। महिला का आरोप है कि कार रोकने के बाद आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद उस पर 25 लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया। महिला के मुताबिक, उसने जब इतनी रकम देने से इनकार किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
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शिकायत के अनुसार, महिला ठेकेदार को कथित तौर पर धमकी दी गई कि अगर उसने 25 लाख रुपये नहीं दिए तो उसे किसी झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा। इसके साथ ही जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। महिला ने मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
महिला की शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 191(2), 126(2), 352, 351(2) और 61(2) लगाई गई हैं। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटा रही है।
एफआईआर में कुल 12 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें भाजपा नेता संजय पाण्डेय, भाजपा नेता प्रशून तिवारी, अमन अग्निहोत्री, लोकेश त्रिपाठी, शिक्षक प्रांशु द्विवेदी, अभिषेक बाजपेई, विभूति नारायण दीक्षित, आदर्श मिश्रा, प्रशान्त बाजपेई, राजा, रितेश और अंकित अग्निहोत्री के नाम शामिल हैं। हालांकि, एफआईआर में नाम दर्ज होना आरोप साबित होने के बराबर नहीं है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में किसकी क्या भूमिका थी और महिला की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ा दी है। पुलिस घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ उपलब्ध साक्ष्यों को भी जुटा सकती है। तांबेश्वर चौराहे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि 29 मई की शाम वास्तव में महिला की कार को किन लोगों ने रोका था और विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई।
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फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। महिला ठेकेदार ने 25 लाख रुपये मांगने, धमकी देने और अभद्रता करने के आरोप लगाए हैं। वहीं, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब इस मामले में पुलिस की जांच और सामने आने वाले तथ्यों पर सभी की नजर है।
Location : Fatehpur
Published : 14 September 2026, 8:38 PM IST