
राजकुमार भाटी के बयान
इटावा: इटावा में शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव के दौरान मतदान करने पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि भाटी को इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए। अगर वह नहीं संभले और ऐसे बयान देते रहे, तो उन्हें प्रवक्ता पद से हटाया जा सकता है।
यह विवाद दिल्ली में आयोजित एक बौद्ध धम्म कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें राजकुमार भाटी को हिंदू देवी-देवताओं की पूजा नहीं करने संबंधी प्रतिज्ञाएं दोहराते देखा गया। इसके बाद उनके धर्म परिवर्तन करने के दावे भी सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगे। हालांकि, राजकुमार भाटी ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने हिंदू धर्म नहीं छोड़ा है और न ही ऐसा करने का उनका इरादा है। उन्होंने बौद्ध धर्म और गौतम बुद्ध की शिक्षाओं के प्रति सम्मान तथा बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों से प्रभावित होने की बात कही।
मीडिया से बातचीत के दौरान रामगोपाल यादव ने कहा कि राजकुमार भाटी का बयान उनका व्यक्तिगत रुख हो सकता है, लेकिन समाजवादी पार्टी इस तरह की बातों का विरोध करती है। उन्होंने दोहराया कि भाटी को सार्वजनिक रूप से ऐसे बयान देने से बचना चाहिए। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर अनुशासन और सार्वजनिक बयानों को लेकर नेतृत्व की नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है।
विवाद बढ़ने के बाद राजकुमार भाटी ने कहा कि वह हिंदू धर्म में आस्था रखते हैं और धर्म परिवर्तन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने अपने बयान में बौद्ध धर्म की शिक्षाओं और आंबेडकर के विचारों के प्रति सम्मान जताया। वहीं, रामगोपाल यादव की चेतावनी से साफ है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद के राजनीतिक असर को लेकर सतर्क है।
फिलहाल, रामगोपाल यादव ने पद से हटाने की चेतावनी दी है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में राजकुमार भाटी को प्रवक्ता पद से हटाए जाने के किसी फैसले की पुष्टि नहीं हुई है।
Location : इटावा
Published : 23 October 2026, 5:49 PM IST