UGC के मुताबिक, कैंपस में भेदभाव की शिकायतें 2019–20 की 173 से बढ़कर 2023–24 में 378 हो गईं—करीब 118% की तेज़ बढ़ोतरी, जिसने नए नियम लाने की ज़रूरत पैदा की। रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों ने दिखा दिया कि सिर्फ कागजी नियमों से छात्रों की सुरक्षा संभव नहीं है; सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद ही 2012 की नियमावली हटाकर 2026 के सख्त और अनिवार्य UGC नियम लागू किए गए।
UGC Law Row: देवरिया में सवर्ण समाज का उग्र विरोध, सड़कों पर जमकर नारेबाजी
