
देवकीनंदन महाराज
Lucknow: गैस की किल्लत के बीच एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसने माहौल को अचानक गरमा दिया है। एक तरफ आम लोग सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और कमी से जूझ रहे हैं, तो दूसरी तरफ एक वीडियो ने पूरे मामले में नया मोड़ ला दिया है। कथावाचक देवकीनंदन महाराज के बयान ने जैसे बहस की चिंगारी को हवा दे दी हो। वीडियो में कही गई बातें अब सोशल मीडिया पर तूफान बन चुकी हैं और सियासत भी इसमें कूद पड़ी है। सवाल उठ रहे हैं-क्या सच में पुरानी व्यवस्था बेहतर थी या यह बयान मौजूदा हालात से ध्यान भटकाने वाला है?
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में देवकीनंदन महाराज कहते नजर आ रहे हैं कि गैस की किल्लत को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे सतयुग वापस आ गया हो। उनका कहना है कि अब लोग फिर से पुरानी परंपरा की तरफ लौट रहे हैं, जहां चूल्हों पर खाना बनाया जाता था।
महाराज के इस बयान के बाद एक नई बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे भारतीय परंपरा और प्राकृतिक जीवनशैली की ओर लौटने का संदेश मान रहे हैं, तो कुछ इसे अव्यावहारिक और पुराने दौर की सोच बता रहे हैं।
इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस बयान पर तंज कसते हुए कहा कि बाबाजी की बात तो बाबाजी ही जानें, लेकिन धुएं से होने वाली परेशानियों को आम लोग अच्छी तरह समझते हैं।
क्या बंगाल में फिर बजेगा ममता का डंका? अखिलेश यादव का बड़ा दावा, देश में बढ़ी सियासी हलचल!
वायरल वीडियो के बाद देवकीनंदन महाराज की मीडिया टीम की तरफ से सफाई भी सामने आई है। उनके मीडिया प्रभारी जगदीश शर्मा ने कहा कि महाराज जी लंबे समय से पारंपरिक तरीके से भोजन बनाने और खाने की सलाह देते आए हैं।
इस बयान के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई नजर आ रही है। कुछ लोग महाराज के समर्थन में हैं और पारंपरिक जीवनशैली को बेहतर बता रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में लोग इस बयान की आलोचना भी कर रहे हैं और इसे आम जनता की समस्याओं से दूर बताया जा रहा है।
Location : Lucknow
Published : 26 March 2026, 7:29 AM IST
Topics : Akhilesh Yadav Devkinandan Maharaj gas cylinder shortage LPG Crisis India Viral Video India