देवरिया में जमीनों के खरीदार-बेचने वालों पर कस गया शिकंजा! DM के इस कड़े कदम से मची खलबली

मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार को नगर क्षेत्र में तीन बड़ी क्रय-विक्रय संपत्तियों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर संपत्तियों की वास्तविक स्थिति और स्टाम्प अभिलेखों में दर्ज विवरण का मिलान कराया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 September 2026, 5:01 PM IST

Deoria: देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार को नगर क्षेत्र में तीन बड़ी क्रय-विक्रय संपत्तियों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर संपत्तियों की वास्तविक स्थिति और स्टाम्प अभिलेखों में दर्ज विवरण का मिलान कराया। जांच के दौरान तीनों मामलों में इस्तेमाल किया गया स्टाम्प मूल्य अभिलेखों के अनुसार सही पाया गया। डीएम ने अधिकारियों को नियमों के अनुसार स्टाम्प मूल्य पर ही संपत्तियों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए।

चकियवां में एक करोड़ से अधिक की संपत्ति की जांच

जिलाधिकारी ने चकियवां क्षेत्र में विक्रेता नाहिर जमाल और क्रेता हिना कौसर की एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की संपत्ति का मौके पर जाकर सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों और मौके की स्थिति को देखा गया। अधिकारियों ने यह भी जांच की कि संपत्ति के क्रय-विक्रय में निर्धारित स्टाम्प मूल्य के अनुसार ही दस्तावेज तैयार किए गए हैं या नहीं। मौके की स्थिति और अभिलेखों का मिलान करने के बाद स्टाम्प मूल्य सही पाया गया।

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दूसरी संपत्ति का भी मौके पर सत्यापन

डीएम ने चकियवां में ही जितेंद्र कुमार गुप्ता और पूनम देवी द्वारा विक्रय की गई संपत्ति का भी स्थलीय निरीक्षण किया। इस संपत्ति को अशफाक आलम और फरहीन आलम ने खरीदा था। जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ मौके की स्थिति का निरीक्षण किया और संबंधित स्टाम्प अभिलेखों से उसका मिलान कराया। जांच में यहां भी स्टाम्प मूल्य अभिलेख के अनुसार सही पाया गया।

न्यू कॉलोनी में भी जांच

इसके बाद जिलाधिकारी न्यू कॉलोनी, गरुलपार पहुंचे। यहां नीतू मल्ल द्वारा बेची गई और शुभम रुंगटा द्वारा खरीदी गई संपत्ति का सत्यापन किया गया। डीएम ने संपत्ति की वास्तविक स्थिति को दस्तावेजों में दर्ज विवरण से मिलाया। इस मामले में भी इस्तेमाल किया गया स्टाम्प मूल्य निर्धारित अभिलेख के अनुसार सही मिला।

पंजीकरण में पारदर्शिता रखने के निर्देश

तीनों संपत्तियों के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने उपनिबंधक अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ही स्टाम्प मूल्य का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी संपत्ति के विक्रय पंजीकरण से पहले नियमानुसार उसकी जांच की जाए। पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है। इससे स्टाम्प शुल्क में किसी तरह की कमी या गलत मूल्यांकन की स्थिति को रोका जा सकेगा।

कम स्टाम्प लगाने पर होगी कार्रवाई

डीएम ने क्रय-विक्रय करने वाले लोगों को भी नियमों का पालन करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि संपत्ति की वास्तविक जानकारी छिपाकर कम स्टाम्प लगाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच के दौरान यदि किसी मामले में स्टाम्प मूल्य कम दिखाने, तथ्य छिपाने या किसी अन्य तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाए।

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अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण

स्थलीय सत्यापन के दौरान एआईजी स्टाम्प अजय धर्मराज सिंह और सब रजिस्ट्रार देवरिया अजय कुमार सिंह मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और स्टाम्प मूल्यांकन की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भविष्य में भी बड़े क्रय-विक्रय मामलों की नियमानुसार जांच करने और पंजीकरण प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

Location :  Deoria

Published :  7 September 2026, 5:01 PM IST