पुत्र वियोग का ऐसा दर्द… जवान बेटे की अर्थी उठते ही मां ने भी तोड़ा दम, एक साथ उठीं दो अर्थियां, चंद घंटों में उजड़ा पूरा परिवार

बिजनौर के शेरकोट में दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। 18 वर्षीय बेटे विशाल की अचानक मौत का सदमा उसकी मां कविता सहन नहीं कर सकीं। पुत्र वियोग में कुछ ही देर बाद मां ने भी दम तोड़ दिया। बुधवार को एक ही घर के आंगन से मां-बेटे की अर्थियां एक साथ उठीं।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 6 August 2026, 11:14 AM IST

Bijnor: जिंदगी कब, किस मोड़ पर कौन सा इम्तिहान ले ले, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के शेरकोट से एक ऐसी हृदय विदारक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने सुनने वाले हर शख्स की आंखें नम कर दीं। एक ही घर में कुछ ही घंटों के भीतर दो अर्थियां उठने से कोहराम मच गया। जवान बेटे की अचानक हुई मौत का सदमा उसकी मां का कलेजा चीर गया और पुत्र वियोग में मां ने भी दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक वाकये ने पूरे मोहल्ले को गहरे सदमे डुबो दिया है।

महज 18 साल के विशाल की अचानक बिगड़ी तबीयत

मिली जानकारी के मुताबिक, यह दुखद घटना शेरकोट के मोहल्ला फतेहनगर की है। मोहल्ले के रहने वाले टोली प्रजापति के 18 वर्षीय जवान बेटे विशाल की मंगलवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिवार में कोहराम तब मच गया जब आनन-फानन में परिजन उसे लेकर एक निजी चिकित्सक के पास पहुंचे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था; डॉक्टर ने जांच के बाद विशाल को मृत घोषित कर दिया। घर के इकलौते और लाड़ले बेटे की अचानक सांसें थम जाने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

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मां कविता सहन नहीं कर सकी जवान बेटे की जुदाई का गम

बेटे की मौत का यह आघात मां कविता के कोमल दिल और सहनशक्ति से बहुत बड़ा था। मोहल्लेवासी संजय कुमार ने इस दर्दनाक पल को याद करते हुए बताया कि विशाल की मौत की खबर मिलते ही मां कविता गहरे सदमे में चली गईं। वह अपने कलेजे के टुकड़े की लाश को देख सुध-बुध खो बैठीं। पुत्र वियोग के इस असहनीय दर्द से मां की भी अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिवार के लोग अभी विशाल की मौत के गम से उबरे भी नहीं थे कि मां की हालत बिगड़ती देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजन उन्हें भी तुरंत डॉक्टर के पास लेकर भागे, लेकिन रास्ते में ही या अस्पताल पहुंचने से पहले मां कविता ने भी हमेशा के लिए अपनी आंखें मूंद लीं और दम तोड़ दिया।

एक ही आंगन से एक साथ उठीं मां-बेटे की अर्थियां

विशाल अपने तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था, जो अब इस दुनिया में नहीं रहा। एक ही रात और कुछ ही घंटों के अंतराल में मां और बेटे की मौत से पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया। जो घर कुछ घंटे पहले तक सामान्य था, वहां अब चीख-पुकार और आंसुओं के सिवाय कुछ नहीं बचा था। बुधवार को जब उस घर के आंगन से मां और बेटे की अर्थियां एक साथ उठीं, तो वहां मौजूद हर एक शख्स का कलेजा फट पड़ा। सांत्वना देने आए लोगों के गले रुंधे हुए थे और आंखें नम थीं।

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खो बैराज श्मशान घाट पर हुआ गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार

गमगीन और आंसुओं से सराबोर माहौल के बीच मां और बेटे के शवों को अंतिम विदाई दी गई। खो बैराज स्थित श्मशान घाट पर दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दर्दनाक अंतिम यात्रा में शेरकोट और आसपास के इलाकों से भारी संख्या में लोग शामिल हुए। हर कोई इस अकल्पनीय और मार्मिक घटना से स्तब्ध नजर आया। घटना के बाद से ही लगातार सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।

Location :  Bijnor

Published :  6 August 2026, 11:10 AM IST