बलरामपुर के तुलसीपुर में पूर्व चेयरमैन फिरोज हत्याकांड की सुनवाई मंगलवार को वकीलों के बहिष्कार की वजह से बाधित रही। आरोपी जमानत पर हैं। अगली सुनवाई 31 जनवरी को होगी। याद दिला दें कि यह मामला राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और पुरानी दुश्मनी से उत्पन्न हुआ।

रिजवान जहीर
Balrampur: तुलसीपुर के पूर्व चेयरमैन फिरोज अहमद उर्फ पप्पू हत्याकांड में मंगलवार को कोर्ट में फैसला या कोई बड़ी कार्रवाई की उम्मीद लगाए लोग मायूस होकर लौट गए। वकीलों द्वारा न्यायिक कार्य का बहिष्कार किए जाने के कारण एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई बाधित रही। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली तारीख 31 जनवरी तय कर दी गई है।
अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय प्रदीप कुमार की अदालत इस समय जनपद के सबसे चर्चित हत्याकांडों में से एक की सुनवाई कर रही है। इस मामले में पूर्व सपा सांसद रिजवान जहीर, उनकी पुत्री जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत समेत पांच आरोपियों का फैसला होना है। वर्तमान में ये सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं लेकिन कानून की तलवार अभी भी उन पर लटकी हुई है।
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याद दिला दें कि यह मामला राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और पुरानी दुश्मनी से उत्पन्न हुआ। शुरुआती पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि सत्ता की दावेदारी और क्षेत्रीय विवाद ने इस हिंसक घटना को जन्म दिया।
स्थानीय राजनीति में गहरी पैठ रखने वाले दो गुटों के बीच इस कानूनी जंग ने पूरे क्षेत्र को दो हिस्सों में बांट दिया है। आम लोग और समर्थक इस बात को जानने के लिए बेताब हैं कि क्या आरोपी इन गंभीर आरोपों से बरी हो पाएंगे या फिर कोर्ट सख्त रुख अपनाएगी।
मंगलवार को कोर्ट परिसर में गहमागहमी जरूर रही, लेकिन वकीलों के बहिष्कार ने कानूनी प्रक्रिया को एक कदम पीछे धकेल दिया। इस वजह से जनता और पीड़ित परिवार की उम्मीदें फिलहाल अधूरी ही रह गईं।