
अधिवक्ताओं का धरना हुआ समाप्त ( सोर्स - रिपोर्टर )
बलिया: कलेक्ट्रेट परिसर में बीते पांच मई से चल रहा अधिवक्ताओं का धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को समाप्त हो गया। अधिवक्ताओं की मांगें प्रशासन द्वारा मान लिए जाने के बाद दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मदन वर्मा ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। धरना बांसडीह के अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह के निजी संपत्ति विवाद से जुड़ा था।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, मामले की शुरुआत वर्ष 2018-19 में हुई, जब नजमुनीशा जहीरूद्दीन अंसारी की पत्नी ने संतोष कुमार सिंह को बांसडीह क्षेत्र में दो कट्ठा जमीन बेची। रजिस्ट्री होने के बाद संतोष का नाम राजस्व अभिलेखों में भी दर्ज हो गया। जमीन के स्वामी बनने के बाद संतोष ने उस पर बाउंड्री वॉल और दो छोटे कमरे बनवाए तथा वहीं निवास करने लगे।
हालांकि, इसी दौरान संतोष की पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। बलिया और मऊ में प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें वाराणसी स्थित बीएचयू रेफर किया गया, जहां दो महीने तक इलाज के बाद वह स्वस्थ होकर वापस बांसडीह लौटे। लौटने पर उन्हें यह देख कर हैरानी हुई कि जमीन बेचने वाली महिला अपनी बेटी के साथ जबरन मकान का ताला तोड़कर उसमें घुस चुकी है।
इस अवैध कब्जे की शिकायत संतोष ने तत्काल कोतवाल बांसडीह और उपजिलाधिकारी से की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें उनका कब्जा वापस नहीं मिल सका। इससे आहत होकर अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं की मांग थी कि संतोष को उनका वैध कब्जा लौटाया जाए, अतिक्रमणकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और मामले में निष्पक्ष जांच हो।
लगातार प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में आया और संबंधित मामले में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। साथ ही, तत्कालीन जिलाधिकारी का स्थानांतरण भी कर दिया गया। अधिवक्ताओं का कहना है कि प्रशासन ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं, इसलिए धरना समाप्त किया गया है।
पूर्व अध्यक्ष मदन वर्मा ने कहा कि यह न्याय की जीत है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में अधिवक्ताओं के साथ कोई अन्याय हुआ, तो वे फिर से आंदोलन को बाध्य होंगे। धरना समाप्त होने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में सामान्य स्थिति बहाल हो गई है।
Location : Ballia
Published : 24 May 2025, 2:22 PM IST
Topics : Ballia News Collectorate Bar Association Kotwal Bansdih personal property dispute case Santosh's legal possession