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Gorakhpur: युवक को गोली मारने की वारदात के बाद गिरफ्तार की गई अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा अब पुलिस के लिए किसी पहेली से कम नहीं है। उसके मोबाइल फोन ने जांच एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। मोबाइल की शुरुआती जांच में ऐसा कच्चा-चिट्ठा सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम लोगों तक को हिला दिया है। ब्लैकमेलिंग, फर्जी मुकदमे और करोड़ों की उगाही का यह खेल बीते पांच साल से चल रहा था।
मोबाइल फोन से खुले कई सनसनीखेज राज
अंशिका सिंह ने बीते पांच वर्षों में करीब 165 लोगों को ब्लैकमेल किया। इनमें आम लोग ही नहीं बल्कि सीओ, दारोगा समेत कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। अंशिका पहले मैसेंजर के जरिए बातचीत करती थी, फिर वीडियो कॉल कर सामने वाले का वीडियो रिकॉर्ड कर लेती थी। इसके बाद दुष्कर्म और पाक्सो जैसे फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूले जाते थे।
पुलिसकर्मी भी रहे निशाने पर
जांच में सामने आया है कि अयोध्या में तैनात एक सीओ समेत करीब 15 पुलिसकर्मी उसके जाल में फंस चुके हैं। धमकी मिलने के बाद सभी ने लेनदेन कर मामला शांत कराया। हाल ही में शहर के एक दारोगा को भी उसने इसी तरीके से फंसाया था। घंटों पंचायत चली और आखिरकार सोने की मोटी चेन लेकर उसने दारोगा को छोड़ा।
आरोपी महिला पुलिस की गिरफ्त में
दुष्कर्म और पाक्सो के फर्जी केस का खेल
अंशिका ने वर्ष 2021 से 2025 के बीच संतकबीर नगर में तीन और गोरखपुर के हरपुर बुदहट थाने में एक दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया। बाद में सुलह के नाम पर मोटी रकम वसूली। पहला केस वर्ष 2021 में दर्ज कराया गया था, जिसमें लाखों रुपये लेकर समझौता किया गया।
मकान मालिक को भी नहीं छोड़ा
साल 2023 में अंशिका संतकबीर नगर के खलीलाबाद क्षेत्र में किराए के मकान में रहने लगी। देर रात तक लोगों के आने-जाने से परेशान मकान मालिक की पत्नी ने एसपी से शिकायत की। जब घर में सीसीटीवी लगाए गए तो अंशिका ने मकान खाली कर दिया। कुछ ही दिनों बाद उसने मकान मालिक पर दुष्कर्म और पाक्सो का मुकदमा दर्ज कराया। दो लाख रुपये की मांग की गई, रकम न देने पर मकान मालिक को जेल जाना पड़ा।
विधायक और पुलिस से नजदीकी का फायदा
अंशिका की विधायक और पुलिसकर्मियों तक पहुंच थी। वह सोशल मीडिया पर उनके साथ फोटो और वीडियो डालती थी, जिससे उसका रौब बना रहता था। गोलीकांड में गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसके सभी मामलों की दोबारा जांच कर रही है। मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूत आगे की कार्रवाई का आधार बनेंगे।
Location : Gorakhpur
Published : 22 January 2026, 4:14 PM IST