
ताजमहल की सुरक्षा होगी और हाईटेक (IMG: Pinterest)
Agra News: आगरा में विश्वप्रसिद्ध ताजमहल की सुरक्षा को लेकर अब निगरानी का दायरा और बड़ा होने जा रहा है। ताज की खूबसूरती देखने के लिए हर दिन देश-विदेश से हजारों पर्यटक पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था पर भी लगातार नजर रखना बड़ी चुनौती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए अब ताजमहल के आसपास 500 मीटर के पूरे दायरे में हाईटेक CCTV कैमरों का जाल बिछाने की तैयारी है। इस इलाके में कुल 90 अत्याधुनिक सर्विलांस कैमरे लगाए जाएंगे। करीब 2.10 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कैमरों के जरिए ताजमहल के आसपास होने वाली संदिग्ध और अवांछित गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखने की व्यवस्था तैयार की जाएगी।
ताजमहल सिर्फ आगरा ही नहीं, बल्कि देश की पहचान से जुड़े प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा के साथ-साथ पर्यटकों की सुविधा और आसपास के इलाके में व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन के लिए अहम है। नई CCTV सर्विलांस व्यवस्था के तहत ताजमहल के 500 मीटर के बफर जोन को निगरानी के दायरे में लाया जाएगा। प्रमुख रास्तों, प्रवेश द्वारों और संवेदनशील स्थानों पर हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, जिससे अलग-अलग स्थानों पर होने वाली गतिविधियों पर एक जगह से नजर रखी जा सकेगी।
ताजमहल के आसपास CCTV निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने वाली इस परियोजना पर करीब 2.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों की ओर से इसे जल्द शुरू करने की तैयारी है और पूरे काम को छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्य अभियंता संजीव कुमार के मुताबिक कैमरे लगाने की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब जल्द से जल्द कैमरे स्थापित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। परियोजना पूरी होने के बाद ताजमहल के आसपास सुरक्षा निगरानी का नेटवर्क पहले के मुकाबले ज्यादा व्यापक और व्यवस्थित हो जाएगा।
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ताजमहल के आसपास सुरक्षा सिर्फ किसी बड़े खतरे से निपटने तक सीमित नहीं है। पर्यटकों को होने वाली छोटी-छोटी परेशानियां भी प्रशासन के लिए चुनौती रहती हैं। इनमें लपकागिरी, अतिक्रमण और ट्रैफिक से जुड़ी अव्यवस्था जैसी समस्याएं शामिल हैं। नई कैमरा व्यवस्था के जरिए इन गतिविधियों पर भी नजर रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। ताजमहल के आसपास पर्यटकों की आवाजाही वाले प्रमुख इलाकों में कैमरों की निगरानी से ऐसी गतिविधियों की पहचान करना आसान हो सकता है। इससे संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
ताजमहल जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थल पर किसी भी आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देना बेहद जरूरी होता है। नई सर्विलांस प्रणाली इसी दिशा में मददगार साबित हो सकती है। अगर 500 मीटर के दायरे में किसी स्थान पर कोई संदिग्ध गतिविधि, अव्यवस्था या आपात स्थिति सामने आती है तो कंट्रोल रूम से उसकी निगरानी की जा सकेगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित सुरक्षा या प्रशासनिक टीम को मौके पर भेजने में भी मदद मिल सकती है।
इसी बीच रविवार को ताजमहल घूमने पहुंची राजस्थान के जयपुर निवासी टीना गुर्जर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह परिवार के साथ ताजमहल का दीदार करने आई थीं। रॉयल गेट के पास अचानक उनका ब्लड प्रेशर कम हो गया और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। महिला के अचानक गिरने के बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी सक्रिय हुए। परिजनों की मदद से उन्हें ताजमहल परिसर स्थित डिस्पेंसरी पहुंचाया गया। वहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने की यह योजना सिर्फ कैमरे लगाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य ताज के आसपास के पूरे क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर माहौल मिल सके। 500 मीटर के दायरे में 90 कैमरों की स्थापना के बाद प्रमुख रास्तों, प्रवेश द्वारों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ेगी। साथ ही लपकागिरी, अतिक्रमण और ट्रैफिक जैसी समस्याओं पर नजर रखने में भी मदद मिलेगी।
Location : Agra
Published : 5 October 2026, 11:38 AM IST