TGT परीक्षा में बड़ा खुलासा! आयोग ने कोर्ट में मानी बड़ी गलती, 29 सवाल सिलेबस से बाहर… अब क्या होगा रिजल्ट?

टीजीटी अंग्रेजी भर्ती परीक्षा को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने स्वीकार किया कि विवादित 37 में से 29 प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर थे। कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 को होगी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 17 July 2026, 2:49 PM IST

Allahabad: टीजीटी अंग्रेजी भर्ती परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद में बड़ा मोड़ आ गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने स्वीकार किया कि जिन 37 प्रश्नों पर पाठ्यक्रम से बाहर होने का आरोप लगाया गया था, उनमें से विशेषज्ञ समिति ने 29 प्रश्नों को वास्तव में सिलेबस से बाहर माना है। आयोग के इस स्वीकारोक्ति के बाद अभ्यर्थियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं और अब सभी की नजर हाईकोर्ट के अगले फैसले पर टिकी है।

हाईकोर्ट में आयोग ने पेश किया पक्ष

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की अदालत में आदित्य कुमार सिंह समेत 18 अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई हुई। आयोग की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि विशेषज्ञ समिति ने 37 विवादित प्रश्नों की समीक्षा की, जिसमें 29 प्रश्नों को पाठ्यक्रम से बाहर पाया गया। आयोग ने अदालत को भरोसा दिलाया कि विशेषज्ञ समिति की विस्तृत रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर दाखिल कर दी जाएगी।

चार प्रश्नों पर नहीं मानी आपत्ति

याचिकाकर्ताओं ने प्रश्न संख्या 3, 11, 12 और 100 को गलत बताते हुए चुनौती दी थी। हालांकि विशेषज्ञ समिति ने इन चार प्रश्नों को गलत मानने से इनकार कर दिया। अब रिपोर्ट दाखिल होने के बाद अभ्यर्थी अपनी विस्तृत आपत्तियां कोर्ट में प्रस्तुत करेंगे।

अभ्यर्थियों ने उठाए निष्पक्षता पर सवाल

याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि सामान्य परिस्थितियों में अदालत विशेषज्ञ समिति की राय में हस्तक्षेप नहीं करती, लेकिन यदि रिकॉर्ड पर स्पष्ट त्रुटि दिखाई देती है तो न्यायालय हस्तक्षेप कर सकता है। उनका कहना है कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद वे यह भी बताएंगे कि किन आधारों पर अदालत रिपोर्ट की समीक्षा कर सकती है।

कोर्ट की सख्ती के बाद आयोग ने दी जानकारी

पिछली सुनवाई में आयोग हाईकोर्ट द्वारा मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं करा पाया था। इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी थी कि यदि आदेश का पालन नहीं हुआ तो आयोग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा। साथ ही अभ्यर्थियों ने यह भी कहा था कि दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया शुरू होने वाली है और समय रहते सुनवाई न होने पर उन्हें अपूरणीय नुकसान होगा।

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20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद इसे 20 जुलाई 2026 को दोपहर 12:30 बजे के लिए सूचीबद्ध किया है। अब विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और उस पर अभ्यर्थियों की आपत्तियों के बाद कोर्ट का अगला फैसला टीजीटी भर्ती प्रक्रिया की दिशा तय कर सकता है।

Location :  Allahabad

Published :  17 July 2026, 12:53 PM IST