देवरिया में ‘गड्ढा मुक्त’ दावों की खुली पोल: उसरा बाजार-छिरुआ मार्ग बना हादसों का खुला आमंत्रण, बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

देवरिया के रुद्रपुर तहसील में उसरा बाजार-छिरुआ मार्ग अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी यह सड़क गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे एक दर्जन गांवों के लोगों का सफर जानलेवा बन गया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 27 July 2026, 9:24 AM IST

Deoria: उत्तर प्रदेश सरकार के ‘गड्ढा मुक्त सड़क’ अभियान के तमाम दावे महज कागजी साबित हो रहे हैं। इसकी बानगी रुद्रपुर तहसील क्षेत्र के उसरा बाजार से छिरुआ तक जाने वाली प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की बदहाल तस्वीर साफ बयां कर रही है। बद से बदतर हो चुके इस मार्ग पर चलना अब आम जनता के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।

जर्जर सड़क और जानलेवा गड्ढे

डाइनामाइट न्यूज़ की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि यह सड़क पूरी तरह से गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। हालात तब और भी खतरनाक हो जाते हैं जब बारिश के दिनों में इन बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाता है। सड़क की खस्ताहाली के कारण दोपहिया वाहन चालक, ई-रिक्शा और साइकिल सवार आए दिन अनियंत्रित होकर हादसों का शिकार हो रहे हैं।

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एक दर्जन से अधिक गांवों की जीवनरेखा ठप

यह प्रमुख मार्ग एक दर्जन से अधिक ग्राम सभाओं को आपस में जोड़ता है। इस रास्ते से रोजाना स्कूली बच्चों, किसानों, मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों का दर्द है कि सड़क की इस जर्जर हालत के चलते आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।

जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और ग्रामीणों का आक्रोश

क्षेत्रीय निवासी इष्ट देव मुनी शुक्ल, प्रदीप जायसवाल, नागेंद्र चौहान, महेश प्रताप सिंह, राजन सिंह और पवन मिश्रा समेत तमाम ग्रामीणों में इस व्यवस्था के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि इस मार्ग की मरम्मत को लेकर कई बार लोक निर्माण विभाग (PWD) के साथ-साथ क्षेत्रीय विधायक और सांसद को भी लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जिम्मेदारों की इस उदासीनता से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है।

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अब प्रशासन पर टिकी निगाहें

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार भले ही प्रदेश को गड्ढा मुक्त बनाने के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। जनता के मन में अब यही सवाल है कि आखिर कब तक उन्हें अपनी जान हथेली पर रखकर इस रास्ते से गुजरना पड़ेगा। अब यह देखना बेहद दिलचस्प और जरूरी होगा कि जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग इस गंभीर समस्या पर कब सुध लेता है और कब इस सड़क का पुनर्निर्माण कराकर क्षेत्रवासियों को सुरक्षित आवागमन की राहत प्रदान करता है।

Location :  Deoria

Published :  27 July 2026, 9:24 AM IST