Australia में YouTube बैन, जानिए सरकार ने सोशल मीडिया पर सख्त रवैया अपनाते हुए क्यों लिया ये फैसला

ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के किशोरों के लिए YouTube को बैन कर दिया है। सरकार का मानना है कि इससे बच्चों को हानिकारक डिजिटल कंटेंट से बचाया जा सकेगा। नए कानून के तहत उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 30 July 2025, 3:39 PM IST

New Delhi: ऑस्ट्रेलिया ने सोशल मीडिया पर युवाओं की बढ़ती निर्भरता और इसके दुष्प्रभावों को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। अब 16 साल से कम उम्र के किशोर YouTube का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। इससे पहले सरकार ने YouTube को शिक्षण सामग्री के इस्तेमाल के चलते कुछ छूट दी थी, लेकिन हाल ही में आई एक रिपोर्ट के आधार पर इसे भी सोशल मीडिया बैन के दायरे में लाया गया है।

सोशल मीडिया पर ऑस्ट्रेलिया की कड़ी नजर

ऑस्ट्रेलियाई इंटरनेट रेगुलेटर द्वारा कराए गए एक अध्ययन में यह सामने आया कि 37% नाबालिगों को YouTube पर नुकसानदेह कंटेंट का सामना करना पड़ा है। यह आंकड़ा अन्य किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ज्यादा है। इसी वजह से सरकार ने इसे भी 'जोखिम भरे सोशल प्लेटफॉर्म' की श्रेणी में डाल दिया है।

किशोरों की सुरक्षा के लिए सरकार का बड़ा फैसला

प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने साफ कहा, अब समय आ गया है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। सोशल मीडिया उनके मानसिक स्वास्थ्य और विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें इस डिजिटल खतरे से बचाएं। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से सहयोग की अपील की और भरोसा दिलाया कि सरकार इस दिशा में गंभीर है।

ऑस्ट्रेलिया ने किशोरों के लिए YouTube बैन किया (फोटो सोर्स-इंटरनेट)

YouTube की तरफ से आई प्रतिक्रिया

हालांकि YouTube की तरफ से प्रतिक्रिया आई है जिसमें उन्होंने कहा कि उनका प्लेटफॉर्म मुख्यतः वीडियो साझा करने और देखने के लिए है। कंपनी ने तर्क दिया कि YouTube को पारंपरिक सोशल मीडिया की श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए क्योंकि इसमें चैट या पोस्टिंग जैसे सीमित सोशल इंटरैक्शन होते हैं। प्रवक्ता ने कहा, 'YouTube एक वीडियो लाइब्रेरी है जिसे लोग टीवी जैसे माध्यमों पर भी देखते हैं।'

सरकार के इस कदम से Meta, Snapchat और TikTok जैसी कंपनियों ने राहत की सांस ली है। पिछले साल जब YouTube को अस्थायी छूट दी गई थी, तब इन कंपनियों ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि YouTube में एल्गोरिदम आधारित कंटेंट सजेशन और इन्फ्लुएंसर कल्चर जैसे सोशल मीडिया के तमाम तत्व मौजूद हैं।

शिक्षक और माता-पिता ने ली राहत की सांस

इस बैन के बाद अब केवल शिक्षक और माता-पिता ही YouTube का इस्तेमाल कर किशोरों को उपयुक्त वीडियो दिखा सकेंगे। ऑस्ट्रेलियन प्राइमरी प्रिंसिपल्स एसोसिएशन की प्रमुख एंजेला फाल्केनबर्ग ने कहा कि यह कदम शिक्षा में गुणवत्ता को प्रभावित नहीं करेगा, क्योंकि शिक्षक हमेशा उपयुक्त और शैक्षिक सामग्री का ही चयन करेंगे।

Alphabet (Google की पैरेंट कंपनी) के साथ ऑस्ट्रेलिया सरकार की यह पहली टकराव नहीं है। इससे पहले न्यूज कंटेंट कानून को लेकर भी दोनों पक्ष आमने-सामने आ चुके हैं। अब एक बार फिर टकराव की स्थिति बन सकती है। हालांकि अभी तक कंपनी ने कोर्ट केस की पुष्टि नहीं की है, लेकिन कानूनी लड़ाई की संभावना जताई जा रही है।

नवंबर में पास हुए इस कानून के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर 16 साल से कम उम्र के बच्चे मौजूद न हों। यदि कोई कंपनी इस नियम का उल्लंघन करती है, तो उस पर 49.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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  • 30 July 2025, 3:39 PM IST