अमेरिका के Alpha School ने शिक्षा की दुनिया में एक अनोखा दावा किया है। स्कूल का कहना है कि यहां पढ़ने वाले छात्र ग्रेजुएशन तक 1 मिलियन डॉलर यानी करीब 9 करोड़ रुपये कमा सकते हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो स्कूल पूरी ट्यूशन फीस वापस कर देगा। इस प्रोग्राम में AI आधारित पढ़ाई और उद्यमिता प्रशिक्षण पर खास जोर दिया जा रहा है।

AI से पढ़ाई, बिजनेस से कमाई…
New Delhi: दुनिया भर में शिक्षा का कारोबार तेजी से महंगा होता जा रहा है और माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं। लेकिन इसी महंगी शिक्षा की दुनिया में अब एक ऐसा दावा सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है।
अमेरिका का एक स्कूल कह रहा है कि अगर छात्र पढ़ाई पूरी करने तक करोड़पति नहीं बन पाए तो उनकी पूरी फीस वापस कर दी जाएगी। सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी जैसा लगता है, लेकिन यह दावा सच में किया गया है। इस स्कूल का कहना है कि यहां पढ़ने वाले छात्र ग्रेजुएशन तक करीब 1 मिलियन डॉलर यानी लगभग 9 करोड़ रुपये तक कमा सकते हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो माता-पिता को पूरी ट्यूशन फीस लौटा दी जाएगी।
यह अनोखा ऑफर अमेरिका के Alpha School ने शुरू किया है। इस स्कूल ने अपने नए हाई स्कूल प्रोग्राम के तहत यह दावा किया है कि यहां पढ़ने वाले छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें असली दुनिया में कमाई करने के तरीके सिखाए जाएंगे।
इस योजना की जानकारी स्कूल से जुड़े Cameron Sorsby ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उनके मुताबिक यह प्रोग्राम खास तौर पर उन छात्रों के लिए तैयार किया गया है जो भविष्य में उद्यमी बनना चाहते हैं और अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं।
इस स्कूल की पढ़ाने की पद्धति पारंपरिक स्कूलों से काफी अलग बताई जा रही है। यहां दावा किया जाता है कि छात्र पूरे दिन की पढ़ाई सिर्फ दो घंटे में पूरी कर सकते हैं। ऐसा इसलिए संभव है क्योंकि पढ़ाई में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाता है।
स्कूल के सिस्टम में एआई टूल्स जैसे ChatGPT और Claude का उपयोग किया जाता है। ये एआई टूल्स छात्रों की समझ, उनकी सीखने की गति और उनकी कमजोरियों का विश्लेषण करते हैं। इसके बाद हर छात्र के लिए एक व्यक्तिगत पढ़ाई का प्लान तैयार किया जाता है। यही वजह है कि यहां पारंपरिक स्कूलों की तरह लंबी क्लासेस की जरूरत नहीं पड़ती।
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जब छात्र सिर्फ दो घंटे में अपनी अकादमिक पढ़ाई पूरी कर लेते हैं तो दिन का बाकी समय उन्हें वास्तविक जीवन से जुड़े कौशल सीखने में लगाया जाता है। स्कूल का दावा है कि इस समय में छात्रों को बिजनेस आइडिया पर काम करने, प्रोजेक्ट बनाने और उद्यमिता से जुड़े अनुभव लेने का मौका दिया जाता है। हालांकि स्कूल ने अपने पूरे उद्यमिता पाठ्यक्रम की विस्तार से जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि छात्रों को छोटे स्तर से अपना बिजनेस शुरू करने और उसे धीरे-धीरे बढ़ाने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
Alpha School के अमेरिका में 20 से ज्यादा केंद्र मौजूद हैं। लेकिन हाई स्कूल का यह खास प्रोग्राम फिलहाल सिर्फ Austin शहर में ही उपलब्ध है, जो Texas में स्थित है। स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक इस हाई स्कूल प्रोग्राम की सालाना फीस करीब 40,000 डॉलर है।
भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत लगभग 37 लाख रुपये के बराबर बैठती है। यानी अगर कोई छात्र इस प्रोग्राम में चार साल पढ़ता है तो कुल फीस करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि स्कूल का दावा है कि अगर छात्र ग्रेजुएशन तक 1 मिलियन डॉलर नहीं कमा पाते तो यह पूरी फीस माता-पिता को वापस कर दी जाएगी।
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इस स्कूल की एक और खास बात यह है कि यहां पारंपरिक लेक्चर और होमवर्क पर ज्यादा जोर नहीं दिया जाता। इसके बजाय छात्रों को कोच के जरिए अलग-अलग स्किल्स सिखाई जाती हैं। ये कोच छात्रों के बिजनेस आइडिया, काम करने के तरीके और उनकी कमाई की संभावनाओं का विश्लेषण करते हैं।
इसके बाद उन्हें बेहतर रणनीति बनाने में मदद करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि स्कूल इस प्रोग्राम के लिए कोच की भर्ती भी कर रहा है। जानकारी के मुताबिक इस पद पर काम करने वाले लोगों को सालाना करीब 1,50,000 डॉलर यानी लगभग 1.3 करोड़ रुपये तक की सैलरी मिल सकती है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से काफी अलग है। जहां ज्यादातर स्कूल और कॉलेज केवल डिग्री देने पर ध्यान देते हैं, वहीं यह स्कूल सीधे कमाई और उद्यमिता पर जोर दे रहा है। हालांकि यह मॉडल कितना सफल होगा, यह आने वाले समय में ही साफ होगा। लेकिन इतना जरूर है कि इस अनोखे ऑफर ने शिक्षा की दुनिया में एक नई बहस जरूर छेड़ दी है कि क्या भविष्य की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित रहेगी या फिर छात्रों को सीधे कमाई और बिजनेस की दुनिया के लिए तैयार किया जाएगा।