
लखनऊ: कानपुर कांड के बाद यूपी में पुलिस अफसरों की तैनाती को लेकर जल्द बङे फेरबदल की संभावना है। राज्य में क्राइम की बङी घटनाएं सामने आने की वजह से सरकार को बड़ी फजीहतों का सामना करना पड़ा है, जिसके मद्देनजर सरकार ने यह फैसला किया है। अपराध की बड़ी घटनायें सामने आने का ही असर था कि कानपुर और अयोध्या जिले में डीआईजी लेवल के अफसरों को जिले की कमान सौंपी गई।
कानपुर कांड के बाद यूपी सरकार के निर्देश पर जिलों में नोडल अफसरों को भेजकर वहां की रिपोर्ट देने को कहा गया। जिसके बाद नोडल अफसरों की रिपोर्ट पर ही बीते शनिवार को 15 आईपीएस अफसरों की ट्रांसफर सूची गृह विभाग ने जारी की। जिसमें कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार भी शामिल रहे।
नोडल अफसरों द्वारा सरकार को भेजी गये अफसरों के रिपोर्ट कार्ड में क्राइम कंट्रोल, जूनियर अफसरों पर नियंत्रण जैसे बिंदुओं को आधार बनाया गया है। इसी आधार पर रेंज, जोन में तैनात अफसरों की रिपोर्ट भी सरकार को भेजी गई है। कानपुर के चौबेपुर थानाक्षेत्र में हुई घटना, संजीत अपहरण कांड और हत्या के बाद जिले के कुछ बड़े अफसरों पर भी सरकार की निगाहें हैं।
सरकार द्वारा राज्य में अपराध को रोकने के लिये बनायी जा रही रणनीति के तहत लापरवाह पुलिस अफसरों पर भी बड़ी गाज गिर सकती है। सरकार द्वारा ऐसे अफसरों को हटाया जाना भी तय माना जा रहा है। साथ ही आधा दर्जन के करीब अफसरों की ट्रांसफर सूची जल्द आ सकती है।
Published : 27 July 2020, 12:40 PM IST
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