
मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली में कुख्यात मुस्तफा कग्गा गैंग के चार बदमाशों को एनकाउंटर में ढेर करने के दौरान गोली लगने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान शहीद हुए यूपी एसटीएफ के जाबांज इंस्पेक्टर सुनील कुमार को गुरूवार को अंतिम सलामी दी गई। मेरठ के पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार को अंतिम सलामी दी गई।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के मुताबिक इस मौके पर शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार के परिजनों के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी शामिल रहे।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार 16 साल से यूपी एसटीएफ का हिस्सा थे।
पुलिस लाइन में अंतिम सलामी के बाद शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार के पार्थिव शरीर को उनके मसूरी गांव ले जाया गया, जहां उनके अंतिन विदायी दी गई।
एडीजी मेरठ जोन डीके ठाकुर, डीआईजी अभिषेक सिंह, एसएसपी एसटीएफ लखनऊ घुले सुशील चंद्रभान, डीआईजी कलानिधि नेथानी, डीएम वीके सिंह, एसएसपी विपिन ताडा, एचपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, एसपी बृजेश सिंह, एसपी यातायात राघवेंद्र मिश्रा और तमाम पुलिस अफसर ने उन्हें अंतिम सलामी दी।
एडीजी डीके ठाकुर और एसपी विपिन ताडा, एसपी सुशील धुले और डीआईजी कला निधि नैथानी ने कंधा देकर इंस्पेक्टर के पार्थिव शरीर को मसूरी गांव तक ले गए।
शामली के झिंझाना क्षेत्र में मंगलवार तड़के करीब आधे घंटे तक चली मुठभेड़ में एक लाख के इनामी मुस्तफा कग्गा गैंग के सदस्य अरशद और उसके तीन साथी मंजीत, सतीश और एक अज्ञात को ढेर कर दिया गया।
इस मुठभेड़ में इंस्पेक्टर सुनील कुमार को गोली लगी थी। उनको करनाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उनको गुरुग्राम के मंदांता अस्पताल में रैफर किया गया। लगभग 6 घंटे की सर्जरी के बाद इलाज के दौरान इंस्पेक्टर सुनील कुमार कल बुधवार दोपहर को शहीद हो गये।
Published : 23 January 2025, 1:30 PM IST
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