
नयी दिल्ली: उत्तर प्रदेश में एक विशेष एनआईए अदालत ने बांग्लादेश से तस्करी के माध्यम से लाए गए जाली नोट की आपूर्ति के एक मामले में मंगलवार को तीन व्यक्तियों को सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
संघीय एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि लखनऊ के विशेष न्यायाधीश के सामने मुराद आलम, तौसीफ आलम और सरीफुल इस्लाम ने अपना गुनाह कबूल किया था।
अधिकारी ने बताया कि तीनों को भादंसं और गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत विभिन्न अपराधों को लेकर चार और पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है और जुर्माना भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि ये सजाएं एक साथ चलेंगी।
प्रवक्ता ने बताया कि मुराद आलम के पास से कुल 2,49,500 रुपये के जाली नोट की बरामदगी के बाद दिसंबर 2019 में उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने शुरुआत में यह मामला दर्ज किया था।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार एनआईए ने फरवरी, 2020 में फिर मामला दर्ज कर जांच अपने हाथों में ले ली और उसने इस मामले में पहले चार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
प्रवक्ता ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के मुराद आलम ने तौसीफ आलम से जाली नोट की खेप हासिल हासिल की थी और उसे वह बिहार के पूर्णिया के शहनवाज अंसारी के पास ले गया था।
उन्होंने बताया कि यह खेप सरीफुल इस्लाम ने तौसीफ आलम तक पहुंचाई थी। बांग्लादेश में सरीफुल इस्लाम के संपर्क के कई लोग थे जिनसे वह जाली नोट हासिल करता था।
प्रवक्ता ने बताया कि जांच से यह भी स्थापित हुआ कि सभी आरोपी जाली नोट आपूर्ति नेटवर्क के सदस्य थे और जाली नोट सीमा पार से लाए जाते थे।
अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने जाली नोट की तस्करी, बिक्री और खरीद की साजिश रची थी और वे देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाने से पहले उसे अपने पास रखते थे।
Published : 22 November 2023, 10:24 AM IST
Topics : fake currency case NIA court three people uttar pradesh उत्तर प्रदेश एनआईए अदालत कठोर कारावास जाली नोट तीन लोगों सजा सुनाई