
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पशुधन विभाग में ठेका दिलवाने के नाम पर 10 करोड़ रुपए की ठगी मामले में कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किये गये आईपीएस अरविन्द सेन की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिये गये है। कोर्ट से कुर्की के आदेश भी जारी हो चुका है। भगोड़े आईपीएस की गिरफ्तारी के लिये कल से छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। आईपीएस की धरपकड़ के लिये इनामी राशि को बढ़ाकर भी दोगुना कर दिया गया है।
सोमवार को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के फैसले के बाद फरार आईपीएस की तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं। पिछले हफ्ते ही अरविन्द सेन के पैतृक आवास पर लखनऊ पुलिस ने मुनादी करवाकर कुर्की की नोटिस चस्पा किया था। आईपीएस अफसर अरविंद सेन पर सोमवार को इनामी राशि बढ़ाकर दोगुनी कर दी गई। अब ईनामी राशि 50000 रुपये कर दी गयी हैं, जो पहले 25 हजार रूपये थी।
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि आईपीएस की तलाश में पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। बीते सप्ताह अरविंद की लोकेशन बाराबंकी टोल गेट पर मिलने से सतर्क पुलिस ने वहां घेराबंदी की, लेकिन उनका पता नहीं चला। पुलिस अब उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
जानिये क्या है मामला
गौरतलब है कि इस भगोड़े आईपीएस पर मध्य प्रदेश के व्यापारी मंजीत सिंह भाटिया से पशुधन विभाग में ठेका दिलाने के नाम पर 10 करोड़ रुपए ठगने का आरोप है। व्यापारी की तहरीर पर हजरतगंज थाने में कथित पत्रकार एके राजीव, आशीष राय, अनिल राय, पशुधन मंत्री के प्रधान निजी सचिव रजनीश दीक्षित, सचिवालय के संविदाकर्मी धीरज, रूपक राय, उमाशंकर तिवारी समेत कई लोगों पर केस दर्ज किया गया जा चुका है।
जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में आईपीएस अरविन्द सेन को भी आरोपी बनाया और वह तब से ही आईपीएस फरार हैं। पुलिस ने पहले उसके ऊपर 25 हजार का इनाम घोषित किया लेकिन अब उसे बढाकर दोगुना कर दिया गया है।
Published : 5 January 2021, 10:51 AM IST
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